सीजी भास्कर 22 जनवरी State Bravery Award Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो साहस और संवेदनशीलता की मिसाल बन गई है। गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र की कक्षा नौवीं की छात्रा हेमाद्री चौधरी को उनके अद्भुत साहस के लिए इस गणतंत्र दिवस पर राज्य वीरता सम्मान से नवाज़ा जाएगा।
तालाब में डूबता बच्चा और पल भर का फैसला
घटना 2 अक्टूबर 2025 की है। मटिया गांव के तालाब किनारे खेलते समय कक्षा पहली का एक बच्चा अचानक गहरे पानी में गिर गया। वह डूबने लगा, उसका भाई मदद के लिए चीखता रहा। मौके पर मौजूद लोग घबरा गए, लेकिन कोई भी तालाब में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
बिना सोचे तालाब में कूदी हेमाद्री
इसी बीच हेमाद्री चौधरी, पिता पूर्णानंद चौधरी, ने हालात की गंभीरता को समझा और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीधे तालाब में छलांग लगा दी। पानी में संघर्ष करते हुए उसने बच्चे तक पहुंच बनाई और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह सब कुछ मिनटों में हुआ, लेकिन उस फैसले ने एक मासूम की जान बचा ली।
साहस को मिला राज्य का सम्मान
हेमाद्री के इस साहसिक कार्य को पहले बाल दिवस पर स्कूल स्तर पर सराहा गया था। अब महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने उन्हें राज्य वीरता पुरस्कार 2025 के लिए चयनित किया है। यह सम्मान 26 जनवरी 2026 को राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में दिया जाएगा।
पुरस्कार और सम्मान
नवा रायपुर से जारी आदेश के अनुसार, समारोह में चयनित पांच वीर बालक-बालिकाओं को मंच पर सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक को 25,000 रुपये की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान केवल एक छात्रा के लिए नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
जिले की कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने हेमाद्री के साहस को असाधारण बताया। उन्होंने कहा कि संकट के समय लिया गया यह त्वरित निर्णय उसकी समझदारी, जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना को दर्शाता है। ग्रामीणों और शिक्षकों का मानना है कि हेमाद्री का यह कदम बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा।




