सीजी भास्कर, 03 जून : वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति के लिहाज से दुनिया (Strait of Hormuz Transit News) के सबसे संवेदनशील और अहम समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने आधिकारिक दावा किया है कि तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुगम आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए अब ’24 घंटे ट्रांजिट सर्विस’ (24-Hour Transit Service) को लागू कर दिया है। भू-राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के इस कड़क कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गहरा रहे वैश्विक तेल संकट पर लगाम लगेगी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाई जा सकेगी। यह सुखद फैसला ऐसे समय पर आया है जब ईरान ने अमेरिका के साथ बैकचैनल चल रही शांति वार्ता को पूरी तरह से रोकने का ऐलान कर दिया है।
बातचीत टूटने पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप
ईरान द्वारा अमेरिका से बातचीत तोड़ने के इस बड़े फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Strait of Hormuz Transit News) ने अपनी चिरपरिचित आक्रामक शैली में प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने साफ लहजे में कहा कि उन्हें इस बात से कोई खास सरोकार या मतलब नहीं है कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत रुक गई है। ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “सच कहूं तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बातचीत खत्म हुई या नहीं। मुझे बिल्कुल परवाह नहीं है। अगर खत्म हो गई है, तो हो गई है। अगर नहीं हुई है, तो मुझे लगता है कि उन्होंने (तेहरान ने) इसके लिए बहुत ज्यादा समय लिया। सच कहूं तो यह बातचीत अब काफी उबाऊ लगने लगी थी।”
परमाणु हथियार बनाने से रोकना
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि शांति वार्ता टूटने से ईरान को लेकर उनकी रणनीतियों में कोई बड़ा बदलाव आएगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार बनाने से रोकना ही उनके प्रशासन की सबसे बड़ी और सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए अमेरिका अपने कड़े रुख पर कायम रहेगा।
क्यों टूटी अमेरिका-ईरान की शांति वार्ता
दरअसल, यह पूरा विवाद मध्य-पूर्व में जारी हालिया तनाव के बाद और गहरा गया है। ईरान की तरफ से आधिकारिक बयान जारी कर आरोप लगाया गया था कि इजरायल ने लेबनान पर हमला करके अंतरराष्ट्रीय सीजफायर (युद्धविराम) समझौते की धज्जियां उड़ाई हैं। ईरान का मानना है कि इजरायल को इस मामले में अमेरिका का शह प्राप्त है, इसी वजह से तेहरान ने दो टूक कह दिया कि अब अमेरिका के साथ आगे किसी भी विषय पर बातचीत संभव नहीं हो पाएगी। लेकिन ईरान ने कूटनीतिक संतुलन साधते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को वैश्विक व्यापार के लिए चौबीसों घंटे खोलकर दुनिया को यह संदेश दिया है कि वह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने का इरादा नहीं रखता।




