सीजी भास्कर, 31 जनवरी | मुंबई। Sunetra Pawar Deputy CM : महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। एनसीपी नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। शनिवार सुबह वे मुंबई पहुंचीं और फिलहाल अजित पवार के आधिकारिक आवास ‘देवगिरी’ में मौजूद हैं। राजधानी में दिनभर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।
विधायक दल की बैठक में चुनी जाएंगी नेता
शनिवार दोपहर 2 बजे एनसीपी के विधायक दल और विधान परिषद सदस्यों की अहम बैठक प्रस्तावित है। इसी बैठक में सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुने जाने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
शाम 5 बजे होगा शपथ ग्रहण
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह आज शाम 5 बजे आयोजित किया जाएगा। फिलहाल वे राज्यसभा सांसद हैं, ऐसे में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले उन्हें राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। शपथ ग्रहण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
डिप्टी CM पद कैसे हुआ रिक्त
28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद उपमुख्यमंत्री पद रिक्त हो गया था। इसके बाद से ही एनसीपी और राज्य सरकार के भीतर इस पद को लेकर मंथन चल रहा था। अब सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति बनते ही यह पद भरे जाने जा रहा है।
शरद पवार का संयमित बयान
अजित पवार के निधन के बाद पहली बार शरद पवार ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उन्हें औपचारिक रूप से सुनेत्रा पवार के नाम की जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने आगे बढ़कर निर्णय की प्रक्रिया शुरू की।
दोनों गुटों के विलय पर भी खुलकर बोले शरद
शरद पवार ने दावा किया कि एनसीपी के दोनों गुटों को एकजुट करने की इच्छा स्वयं अजित पवार की थी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बातचीत शुरू हो चुकी थी और फरवरी की एक तारीख तय की गई थी, लेकिन उससे पहले अजित पवार का निधन हो गया। अब पार्टी को लगता है कि उनकी इच्छा को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
राजनीति में अब तक का सफर
सुनेत्रा पवार ने लंबे समय तक राजनीति में लो-प्रोफाइल भूमिका निभाई। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बारामती से चुनाव लड़ा, जहां उन्हें सुप्रिया सुले से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वे राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं। अब उपमुख्यमंत्री पद तक पहुंचना उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा मोड़ माना जा रहा है।


