सीजी भास्कर, 26 अप्रैल : राज्य में सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एक विशाल अभियान का शंखनाद किया गया है। छत्तीसगढ़ में (Sushasan Tihar 2026) सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच भरोसे का एक बेहद मजबूत सेतु बनकर उभर रहा है। इस अभियान के माध्यम से राज्य सरकार का प्रयास है कि लोकतंत्र का लाभ कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचे।
1 मई से 10 जून तक चलेगा अभियान
राज्य सरकार ने इस विशेष पहल के लिए एक विस्तृत समय-सारणी तैयार की है। प्रदेशभर में यह अभियान (Sushasan Tihar 2026) आगामी 1 मई से शुरू होकर 10 जून तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान शासन और प्रशासन की समस्त इकाइयां पूरी तरह सक्रिय रहेंगी। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में तय समयावधि के दौरान हर गांव और हर वार्ड तक प्रशासन की सीधी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का यह संकल्प है कि (Sushasan Tihar 2026) में सिर्फ समस्याओं को सुना ही नहीं जाएगा, बल्कि उनका तत्काल और गुणवत्तापूर्ण समाधान भी सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यभार संभालने के बाद से ही ‘अंत्योदय’ और ‘सुशासन’ को अपनी प्राथमिकता बताया है। जन-केंद्रित शासन की दिशा में यह पहल (Sushasan Tihar 2026) प्रशासन को लोगों के द्वार तक ले जाने का सबसे बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री का मानना है कि जनता को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि अधिकारी स्वयं जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को हल करें। इस दृष्टिकोण ने सरकारी तंत्र में एक नई ऊर्जा और जवाबदेही का संचार किया है।
गांव और वार्ड स्तर पर आयोजित होंगे शिविर
अभियान की सफलता के लिए इसे विकेंद्रीकृत रूप दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर बनाकर भव्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। इन स्थानों पर सरकार के सभी प्रमुख विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इस पूरे आयोजन (Sushasan Tihar 2026) का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष जन समस्या निवारण शिविर होगा। इन शिविरों में जिला प्रशासन के आला अधिकारियों की मौजूदगी में प्राथमिकता के आधार पर नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा, जिससे ग्रामीण जनता को जिला मुख्यालयों तक दौड़ने की आवश्यकता नहीं होगी।
जन समस्या निवारण पर सरकार का विशेष फोकस
इस अभियान के तहत उन समस्याओं को प्राथमिकता दी गई है जो आम नागरिक के दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं। भूमि विवाद, मनरेगा भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली-पानी की किल्लत, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान (Sushasan Tihar 2026) के दौरान मौके पर ही किया जाएगा। इन मूलभूत समस्याओं का समाधान कर सरकार आम आदमी के जीवन स्तर को सुगम बनाना चाहती है।
प्रशासनिक दक्षता को परखने के लिए यह अभियान (Sushasan Tihar 2026) एक लिटमस टेस्ट की तरह होगा। अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस शिविर में प्राप्त होने वाले हर आवेदन का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से कर दिया जाएगा। समय सीमा के भीतर काम करने की यह प्रतिबद्धता (Sushasan Tihar 2026) को पिछली योजनाओं से अलग और अधिक प्रभावी बनाती है।
पारदर्शी शासन और सशक्त छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ की भौगोलिक विविधता को देखते हुए, जहां कई बस्तर और सरगुजा जैसे वनांचल क्षेत्र हैं, वहां इस तरह के शिविरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। यह अभियान (Sushasan Tihar 2026) न केवल शिकायतों के निपटारे का मंच है, बल्कि यह सरकारी योजनाओं के फीडबैक लेने का भी एक सशक्त माध्यम है। सरकार इसके जरिए यह जान पाएगी कि उसकी योजनाएं धरातल पर कितनी सफल हो रही हैं।


