सीजी भास्कर, 11 जून। छत्तीसगढ़ की धरती में लिखी जा रही है सुशासन की एक नई इबारत। प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जिस संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ आमजन तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुँचा रही है, वह न केवल प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की भी मिसाल है। (Sushasan Tihar Success Stories)
राज्य में मनाया जाने वाला सुशासन तिहार उस कल्पना का प्रत्यक्ष और जीवित रूप है, जहाँ छत्तीसगढ़ की साय सरकार स्वयं लोगों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दे रही है। तालापारा में आयोजित समाधान शिविर एक बड़े बदलाव का सजीव तस्वीर प्रस्तुत करता है।
इन तस्वीरों में शामिल है अपर्णा डे और ज्योति मिरी जैसी महिलाएँ, जो कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं आज आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही हैं। उनका यह आर्थिक परिवर्तन उनके लिए आत्मविश्वास और सम्मान की नई पहचान भी बन रहा है।
राज्य सरकार के सहयोग से ज्योति मिरी की मेहनत को मिली नई पहचान : Sushasan Tihar Success Stories
ज्योति मिरी की कहानी हर उस महिला की कथा है जो सीमित साधनों के बावजूद भी हार नहीं मानती। सब्ज़ी व्यवसाय से जुड़ी ज्योति प्रतिदिन सुबह बाजार से सब्ज़ियाँ खरीदकर वर्षों से मोहल्लों में बेचा करती थी। लेकिन उनके व्यवसाय के विस्तार में सबसे बड़ी बाधा थी पूंजी की कमी। कम मात्रा में सामान खरीदने के कारण उनकी आय भी सीमित रहती थी और कई बार तो आभाव की वजह से उनको अपना व्यवसाय जारी रखना भी कठिन हो जाता था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर ने ज्योति मिरी के जीवन की दिशा को बदलने का काम किया है। यहीं उन्हें मिली प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें प्राप्त हुई शासकीय आर्थिक सहायता।
आज ज्योति के चेहरे पर आत्मविश्वास की झलक है। वो अब अधिक मात्रा में सब्ज़ियाँ खरीदने और अपने व्यवसाय को बढ़ाने में खुद को समर्थ महसूस कर रही हैं। आर्थिक मदद उनके लिए सिर्फ़ सहायता बल्कि एक नई शुरुआत साबित हो रही है। मिलने वाली यह शासकीय मदद उनके लिए एक ऐसा अवसर बनी है जिसने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का हौसला दिया।
अपर्णा डे की हुनर ने पाया एक नया आसमान
अपर्णा डे की कहानी भी उतनी ही प्रेरक है। सिलाई कार्य में निपुण अपर्णा डे लंबे समय से अपने घर से छोटा सिलाई सेंटर संचालित कर रही थीं। महिलाओं और बच्चों के कपड़े सिलकर अपने परिवार की मदद करने में एक बड़ी बाधा थी संसाधनों की कमी। कई बार ऑर्डर मिलने के बावजूद पर्याप्त मशीन और सामग्री के अभाव में उन्हें हाथ आए काम को छोड़ कर पीछे हटना पड़ता था। यह स्थिति उनके आत्मविश्वास को हिलाने वाली होती थी।
समाधान शिविर में मिली स्वनिधि योजना की सहायता ने अपर्णा डे के जीवन को नई दिशा दी। अब अपर्णा अपने सिलाई सेंटर को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। नई मशीनें खरीदने और काम को विस्तार देने का उनका सपना अब पूरा हो रहा है। राज्य के महिलाओं को मिलने वाली ऐसी सफलता पूरे समाज को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया गया राज्य की साय सरकार का महत्वपूर्ण कदम है।
दिव्यांगजनों के जीवन में नई रौशनी : Sushasan Tihar Success Stories
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता आर्थिक योजनाओं में समाज के हर वर्ग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। हेमुनगर में आयोजित समाधान शिविर जिसमें 80 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई वह भी इसी मानवीय दृष्टिकोण का एक शानदार उदाहरण है। सिर्फ़ एक वाहन की तरह दिखाने वाली यह ट्राईसाइकिल दिव्यांगों के लिए उनकी स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और नए सपनों की उड़ान का माध्यम बन गई है।
बिरकोना की वीणा सिंह ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता की ओर कदम
एक निजी नौकरी करने वाली बिरकोना की वीणा सिंह को रोज़ाना अपने कार्यस्थल पहुँचने के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। इसके अलावा भी अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें किसी का सहारा लेना पड़ता था।
लेकिन ट्राईसाइकिल मिलने के बाद जैसे उनकी दुनिया ही बदल गई। अब वे अपने समय और अपनी सुविधा के अनुसार कहीं भी आ-जा सकती हैं। शासकीय तौर पर मिली यह ट्राईसाइकिल वीणा के लिए एक सुविधा के साथ उनके आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना भी है।



