रिपोर्टर : आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 07 जुलाई : गरियाबंद जिले के मैनपुर में युवक आकाश कश्यप की संदिग्ध मौत (Suspicious Death Case) का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक की बहन ने भाई की मौत को हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई, वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायत भी पुलिस ने ओटीपी लेकर जबरन बंद करा दी।
एसपी से की निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग
मृतक की बहन आकांक्षा कश्यप ने पुलिस अधीक्षक गरियाबंद को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि थाना मैनपुर ने संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 173(4) के तहत तत्काल अपराध दर्ज कर निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत बंद कराने का आरोप
आकांक्षा कश्यप का आरोप है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायत के संबंध में मैनपुर पुलिस ने उन्हें थाना बुलाया और कार्रवाई से संतुष्ट होने का दबाव बनाया। उनका कहना है कि उनसे जबरन ओटीपी (OTP) लेकर शिकायत को “संतुष्ट” दिखाते हुए क्लोज कर दिया गया, जबकि मामले में न तो एफआईआर दर्ज हुई थी और न ही किसी कार्रवाई की जानकारी दी गई थी।
29 जून की मारपीट के बाद हुई थी मौत
आवेदन के अनुसार 29 जून 2026 की रात आकाश कश्यप (Suspicious Death Case) के साथ कुछ युवकों ने कथित रूप से मारपीट की। आरोप है कि आरोपी घायल अवस्था में उसे मैनपुर शासकीय अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार हो गए। परिजनों ने अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर जांच करने की मांग की है।
परिजनों के मुताबिक, घायल आकाश पूरी रात अस्पताल परिसर में एंबुलेंस के नीचे पड़ा रहा। सुबह प्राथमिक उपचार के बाद वह घर लौट आया, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर किया गया। इलाज के दौरान 1 जुलाई 2026 को उसकी मौत हो गई।
हत्या और एससी-एसटी एक्ट में कार्रवाई की मांग
मृतक की बहन का कहना है कि आकाश कश्यप अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से थे। उन्होंने हत्या, एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी और कथित लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत बंद कराने और एफआईआर दर्ज नहीं करने संबंधी आरोप मृतक के परिजनों ने लगाए हैं। समाचार लिखे जाने तक मैनपुर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया था। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



