सीजी भास्कर, 12 जून : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC Crisis) में सियासी उथल-पुथल तेज हो गई है। पार्टी के कई सांसदों और विधायकों के बगावती तेवरों के बीच अब ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भी सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच दो नेताओं ने खुलकर ममता बनर्जी के साथ खड़े रहने का ऐलान किया है। ये नेता हैं टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद।
बताया जा रहा है कि टीएमसी के 80 विधायकों में से करीब 60 विधायक बागी रुख अपना चुके हैं। वहीं लोकसभा के 19 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अलग गुट के रूप में मान्यता देने और सदन में अलग बैठने की मांग की है। इसके अलावा तीन राज्यसभा सांसदों के भी पार्टी छोड़ने की खबरें सामने आई हैं।
बागी सांसदों की सूची में ये नाम शामिल
लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में जिन सांसदों के नाम बताए जा रहे हैं, उनमें काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदार, डॉ. शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश बर्मा बसुनिया, असित कुमार मल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर्रहमान, अबू ताहिर खान, यूसुफ पठान, मिताली बैग, माला रॉय, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया और पार्थ भौमिक शामिल हैं।
राज्यसभा सांसदों ने भी छोड़ा साथ
टीएमसी (TMC Crisis) को राज्यसभा में भी झटका लगा है। सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक जैसे नेताओं के पार्टी छोड़ने की चर्चा है। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी के भी बगावती तेवर सामने आए हैं।
ममता के साथ मजबूती से खड़े हैं शत्रुघ्न और कीर्ति
टीएमसी में मचे राजनीतिक संकट के बीच सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद ने ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई है। दोनों नेताओं ने साफ कहा है कि वे किसी भी परिस्थिति में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे।
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि कठिन समय में ममता बनर्जी उनके साथ खड़ी थीं और अब वे भी उनके मुश्किल दौर में उनका साथ नहीं छोड़ सकते। वहीं कीर्ति आजाद ने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनमें दम है तो सांसद पद से इस्तीफा देकर जनता के बीच जाएं।
बीजेपी और कांग्रेस से होते हुए पहुंचे थे TMC
शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद दोनों ही कभी बीजेपी के प्रमुख चेहरे रहे हैं। बाद में दोनों कांग्रेस में गए और फिर टीएमसी में शामिल हुए। कीर्ति आजाद 2021 में जबकि शत्रुघ्न सिन्हा 2022 में टीएमसी में शामिल हुए थे। वर्तमान में कीर्ति आजाद बर्दवान-दुर्गापुर से और शत्रुघ्न सिन्हा आसनसोल से सांसद हैं।
बढ़ सकता है सियासी संकट
टीएमसी सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया पहले ही दावा कर चुके हैं कि पार्टी के कई नेता नेतृत्व की कार्यशैली से नाराज हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में टीएमसी का आंतरिक संकट और गहरा सकता है। हालांकि ममता बनर्जी के समर्थन में शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद का खुलकर सामने आना पार्टी के लिए राहत की खबर माना जा रहा है।



