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Home » Top Naxal Commanders Eliminated : 2019 से अब तक 29 शीर्ष नक्सली कमांडर ढेर, गृह मंत्रालय ने लोकसभा में पेश किए ताज़ा आंकड़े

Top Naxal Commanders Eliminated : 2019 से अब तक 29 शीर्ष नक्सली कमांडर ढेर, गृह मंत्रालय ने लोकसभा में पेश किए ताज़ा आंकड़े

By Newsdesk Admin
09/12/2025
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सीजी भास्कर 9 दिसम्बर Top Naxal Commanders Eliminated : लोकसभा में आज गृह मंत्रालय ने नक्सली उग्रवाद के उन्मूलन, आत्मसमर्पण और पुनर्वास को लेकर विस्तृत जवाब पेश किया। मंत्रालय ने बताया कि वामपंथी उग्रवादी न तो संविधान में विश्वास रखते हैं, न लोकतांत्रिक मूल्यों में। उनके कारण वर्षों में हज़ारों निर्दोष नागरिकों की मौतें हुईं, कई बच्चे अनाथ हुए और महिलाओं के परिवार उजड़े।

Contents
  • सुरक्षा बलों की कार्रवाई और कमजोर होते संगठन
  • Top Naxal Commanders Eliminated : 29 शीर्ष कमांडर ढेर — मंत्रालय का खुलासा
  • पुनर्वास योजना — पैसे, सहायता और वजीफा
  • 1967 से चली आ रही समस्या का दायरा अब सिमट रहा
  • पूर्व सरकारों और वर्तमान रणनीति का अंतर
  • सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम
  • सरकारी दावे — हिंसा में भारी कमी
  • 2014 से अब तक उग्रवाद में तेज गिरावट

सुरक्षा बलों की कार्रवाई और कमजोर होते संगठन

सरकार के अनुसार लगातार ऑपरेशनों ने नक्सली संगठनों की ताकत को काफी हद तक तोड़ा है। बड़ी संख्या में कैडर सरेंडर कर रहे हैं और पुनर्वास योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।

Top Naxal Commanders Eliminated : 29 शीर्ष कमांडर ढेर — मंत्रालय का खुलासा

गृह मंत्रालय ने बताया कि जून 2019 से अब तक कुल 29 टॉप नक्सली लीडर न्यूट्रलाइज किए गए, जिनमें 14 कमांडर सिर्फ इस साल मारे गए।
इसके अलावा—

  • 1,106 उग्रवादी मारे गए
  • 7,311 गिरफ्तार हुए
  • 5,571 ने हथियार डाले

सरकार का कहना है कि उग्रवादियों की सुरक्षा बलों से लड़ने की क्षमता अब लगभग समाप्त हो चुकी है।

पुनर्वास योजना — पैसे, सहायता और वजीफा

सरेंडर करने वालों के लिए सरकार की पुनर्वास नीति के अनुसार—

  • वरिष्ठ कैडर: 5 लाख रुपये
  • अन्य कैडर: 2.5 लाख रुपये
  • हथियार के साथ आत्मसमर्पण: अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि
  • तीन साल तक 10,000 रुपये मासिक वजीफा

इस साल ही 2,167 माओवादी योजना का लाभ लेकर मुख्यधारा में लौट चुके हैं।

1967 से चली आ रही समस्या का दायरा अब सिमट रहा

सरकार ने बताया कि एक समय देश का बड़ा हिस्सा रेड कॉरिडोर कहलाता था, लेकिन अब क्षेत्र सिमट चुका है। दावा किया गया कि मार्च 2026 तक उग्रवाद का पूर्ण उन्मूलन संभव है।

पूर्व सरकारों और वर्तमान रणनीति का अंतर

सरकार ने कहा कि पहले इसे केवल राज्य का विषय माना गया, लेकिन समग्र राष्ट्रीय नीति नहीं बनी।
2015 में Whole of Government Approach के तहत सुरक्षा और विकास दोनों स्तरों पर रणनीति लागू की गई।

सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम

  • प्रभावित राज्यों में 574 CAPF कंपनियों की तैनाती
  • सुरक्षा संबंधी व्यय और अवसंरचना पर हजारों करोड़ की मंजूरियां
  • 706 किलेबंद पुलिस स्टेशन, उन्नत प्रशिक्षण
  • CRPF बस्तरिया बटालियन का गठन
  • 17,573 किमी सड़क निर्माण, 85% पूरा
  • 10,651 मोबाइल टावर, ITI, कौशल केंद्र, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय, एकलव्य विद्यालय
  • डाकघर, बैंक शाखाएं और ATM की स्थापना

सरकारी दावे — हिंसा में भारी कमी

2010 की तुलना में 2024 में 81% हिंसा कम
जून 2004–मई 2014 बनाम जून 2015–मई 2025 परिणाम:

  • हिंसक घटनाएं: 56% कमी
  • नागरिक मौतें: 70% कमी
  • सुरक्षा बलों की मौतें: 75% कमी
  • कुल मौतें: 71% कमी

जून–नवंबर 2025 में सिर्फ 110 घटनाएं और 44 मौतें दर्ज हुईं।

2014 से अब तक उग्रवाद में तेज गिरावट

  • प्रभावित राज्य: 10 से घटकर 5
  • प्रभावित जिले: 126 से घटकर 11
  • संवेदनशील थाने: 465 से घटकर 106

सरकार के अनुसार 2014 से अब तक 9,588 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं, जिनमें 2,167 आत्मसमर्पण इसी वर्ष हुए।

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