रिपोर्टर – आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 30 मई। गरियाबंद जिले में विकास कार्यों और जन सुविधाओं की स्थिति को लेकर गुरुवार को महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक (Urban Development) आयोजित की गई। बैठक में नगरीय क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की प्रगति, जल संरक्षण की तैयारियों और अतिक्रमण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए विशेष तैयारियों पर भी जोर दिया गया। जल निकासी, अधूरे निर्माण कार्य और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता में रखते हुए अधिकारियों को समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए।
विकास कार्यों की हुई समीक्षा : Urban Development
जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती आर. संगीता ने सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। बैठक में नगरीय क्षेत्रों में जन सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
अतिक्रमण रोकने के दिए निर्देश
प्रभारी सचिव ने कहा कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की खाली जमीनों को अतिक्रमण से सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने और अतिक्रमण की संभावनाओं को समय रहते रोकने के निर्देश दिए। साथ ही इन भूमि क्षेत्रों में अधिक से अधिक छायादार और फलदार पौधे लगाने पर बल दिया गया।
पौधरोपण के साथ जियो टैगिंग अनिवार्य
बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि लगाए जाने वाले सभी पौधों की जियो टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि इससे पौधों की निगरानी, संरक्षण और उनकी वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना आसान होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना की हुई समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अधूरे आवासों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूर्ण (Urban Development) कराए जाएं। जो हितग्राही निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने और आवश्यक होने पर राजस्व वसूली की प्रक्रिया अपनाने को कहा गया।
नाली निर्माण और जल निकासी पर जोर
आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए नाली निर्माण और अधूरी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रभारी सचिव ने कहा कि नालियों से अतिक्रमण हटाकर जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से बचने के लिए अभी से तैयारी जरूरी है।
जल संरक्षण के लिए विशेष निर्देश
जल संरक्षण को लेकर नगरीय निकायों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सभी जल स्रोतों और वाटर बॉडी की जियो टैगिंग सुनिश्चित करने (Urban Development) को कहा गया। बैठक में यह भी कहा गया कि विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं।
कई अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय, संयुक्त संचालक एस.के. सुंदरानी, सीएमओ श्रीमती संध्या वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




