सीजी भास्कर, 09 जून : भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi Debut Flop) से फैंस को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन भारत ए और श्रीलंका ए के बीच दांबुला में खेले जा रहे वनडे मुकाबले में वह पहली बड़ी परीक्षा में सफल नहीं हो सके। युवा बल्लेबाज ने अपनी पारी की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और पहली ही गेंद पर चौका जड़कर शानदार इरादे जाहिर किए, लेकिन अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए।
पहली गेंद पर चौका, फिर दिखा बेखौफ अंदाज
भारतीय पारी के दूसरे ओवर में स्ट्राइक पर आए वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi Debut Flop) ने श्रीलंकाई तेज गेंदबाज शिराज की पहली ही गेंद को बाउंड्री के पार भेज दिया। इसके बाद उन्होंने उसी ओवर में एक और शानदार चौका लगाया और शुरुआत से ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। दांबुला की चुनौतीपूर्ण पिच पर वैभव ने आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और यह संकेत दिया कि वह बड़े मंच पर भी आक्रामक क्रिकेट खेलने से नहीं घबराते।
14 रन बनाकर खत्म हुई पारी
हालांकि उनकी यह पारी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। वैभव सूर्यवंशी ने 12 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें तीन आकर्षक चौके शामिल रहे। विडंबना यह रही कि जिस गेंदबाज की पहली गेंद पर उन्होंने चौका लगाया था, उसी शिराज ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। उनके विकेट के साथ भारत ए को शुरुआती झटका लगा और टीम की मजबूत शुरुआत की उम्मीदों को भी धक्का पहुंचा।
ओपनिंग जोड़ी रही फ्लॉप
वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह की सलामी जोड़ी मैच में कोई बड़ा प्रभाव नहीं छोड़ सकी। दोनों बल्लेबाज मिलकर सिर्फ 16 रन ही जोड़ पाए। इस साझेदारी में 14 रन अकेले वैभव के बल्ले से आए। वैभव के आउट होने के बाद अगले ही ओवर में प्रभसिमरन सिंह भी मात्र 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने से भारतीय टीम दबाव में आ गई।
भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत
भले ही वैभव सूर्यवंशी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हों, लेकिन उनकी बल्लेबाजी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उनमें आक्रामक क्रिकेट खेलने का आत्मविश्वास और क्षमता मौजूद है। कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों जैसी निडर बल्लेबाजी उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करती है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभव बढ़ने के साथ वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़े मैच विनर खिलाड़ी बन सकते हैं।



