सीजी भास्कर, 1 अगस्त : कवर्धा जिले के अमेरा आदिवासी कन्या छात्रावास (Kawardha Hostel Student Death) में कक्षा 7वीं की छात्रा की मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिजनों ने छात्रावास प्रबंधन पर समय पर इलाज नहीं कराने का आरोप लगाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग ने छात्रावास अधीक्षिका को पद से हटा दिया है। वहीं, छात्रा की मौत और लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है।
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तबीयत बिगड़ने के बाद छात्रा की मौत
जानकारी के अनुसार, अमेरा आदिवासी कन्या छात्रावास में रहने वाली छात्रा बबिता पन्द्राम की 27 जुलाई की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों का आरोप है कि उस समय छात्रावास में अधीक्षिका मौजूद नहीं थीं और छात्रा को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया।
परिजनों का कहना है कि घटना की जानकारी भी उन्हें अगले दिन सुबह दी गई। इसके बाद वे छात्रावास पहुंचे और छात्रा को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
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परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के बाद छात्रावास परिसर में प्रवेश करने से उन्हें रोका गया। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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छात्रावासों की व्यवस्था पर उठे सवाल
परिजनों ने आरोप लगाया कि जिले के कई छात्रावासों में अधीक्षक नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते। इससे छात्राओं की सुरक्षा और देखभाल व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जिले के सभी छात्रावासों की व्यवस्था की जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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अधीक्षिका हटाई गई, जांच जारी
मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग ने तत्काल प्रभाव से संबंधित छात्रावास अधीक्षिका को पद से हटा दिया है। विभाग का कहना है कि यह फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई है। लापरवाही की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल छात्रा की मौत के कारणों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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