सीजी भास्कर, 1 अगस्त : सड़कों पर आवारा पशुओं की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं (Stray Cattle Accident Compensation) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि आवारा पशु सड़क हादसों में घायल या मृत लोगों को मुआवजा देने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही, पशु मालिकों की जवाबदेही तय करने और मौजूदा कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
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पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए बने प्रभावी तंत्र
जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि सड़क पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं में चाहे पीड़ित पैदल यात्री हो या वाहन चालक, दोनों ही परिस्थितियों में मुआवजा देने की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।
अदालत ने राज्यों से कहा कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित कानूनों में संशोधन किया जाए या नए नियम बनाए जाएं, ताकि आवारा पशु सड़क हादसों (Stray Cattle Accident Compensation) के पीड़ितों को समय पर राहत मिल सके।
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पशु मालिकों की जवाबदेही तय करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पशु मालिकों की जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि दिन समाप्त होने के बाद पशु निर्धारित स्थान पर वापस लौटें और खुले में सड़कों पर न घूमें। अदालत ने कहा कि संबंधित कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन राज्यों की जिम्मेदारी है।
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सभी पशुओं की टैगिंग पर दिया जोर
अदालत ने सभी पशुओं की अनिवार्य टैगिंग को भी जरूरी बताया। कोर्ट ने कहा कि टैगिंग से पशुओं की पहचान, निगरानी, टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवाओं और पशु चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। साथ ही जिन राज्यों में मवेशियों से जुड़े कानून लागू हैं, वहां उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
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महिला की अपील पर सुनवाई के दौरान आया फैसला
यह फैसला उस महिला की अपील पर सुनवाई के दौरान आया, जिसके पति की सड़क पर आवारा सांड की टक्कर से सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौत हो गई थी। महिला ने मुआवजे की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
एकल पीठ ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत 29.32 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था, लेकिन बाद में हाई कोर्ट की खंडपीठ ने इस आदेश को रद्द कर दिया। अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान व्यापक दिशा-निर्देश जारी करते हुए सरकारों को आवारा पशु सड़क हादसों (Stray Cattle Accident Compensation) की रोकथाम और पीड़ितों के मुआवजे के लिए ठोस व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
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