सीजी भास्कर, 20 अगस्त : वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस के फैसले ने सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस की ओर से सिर्फ दो छंद गाए जाने के फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह फैसला उस पुरानी गलती को दोहराने जैसा है, जिसके दूरगामी परिणाम देश को भुगतने पड़े।
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वंदे मातरम् पर शाह का कांग्रेस पर हमला
अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम् (Vande Mataram Controversy) के 150 साल पूरे होने के अवसर पर नरेंद्र मोदी सरकार ने पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की पूरी रचना को सरकारी कार्यक्रमों में गाने का फैसला किया है।
शाह के मुताबिक, सरकार ने इसे लेकर नियम भी तय किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस व्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए सिर्फ दो छंद गाने का फैसला लिया है। शाह ने इसे बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की मूल रचना के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस के फैसले पर आपत्ति जताई।
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‘देश के बंटवारे की नींव रखने वाली गलती’
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम् (Vande Mataram Controversy) को लेकर कांग्रेस ने पहले भी ऐसा फैसला लिया था। उनके अनुसार, उस समय लिए गए फैसले का असर आगे चलकर देश के बंटवारे की परिस्थितियों तक पहुंचा।
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की वही सोच एक बार फिर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि देश पहले ही इस तरह के फैसलों के गंभीर परिणाम देख चुका है और अब ऐसी गलती दोहराई नहीं जानी चाहिए।
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शाह बोले- शहीदों का भी होगा अपमान
गृह मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् (Vande Mataram Controversy) आजादी की लड़ाई के दौरान लोगों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत था। कई स्वतंत्रता सेनानियों ने इसी गीत और नारे के साथ अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और जेल गए।
अमित शाह ने कांग्रेस के फैसले को स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के सम्मान से भी जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रही है।
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जनता से कांग्रेस के फैसले का विरोध करने की अपील
अमित शाह ने लोगों से कांग्रेस के फैसले का विरोध करने की अपील की। उन्होंने कहा कि Vande Mataram Controversy (वंदे मातरम् विवाद) अब केवल गीत के छंदों तक सीमित मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी भावनाएं भी जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को संसद के साथ-साथ जनता के बीच भी उठाएगी और कांग्रेस के फैसले का विरोध करेगी।
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