सीजी भास्कर, 20 मई। बिलासपुर में गर्मी के बढ़ते असर के बीच हाईकोर्ट की नई व्यवस्था चर्चा का विषय (Video Conferencing) बन गई है। अधिवक्ताओं और पक्षकारों के बीच अब छुट्टियों के दौरान होने वाली सुनवाई को लेकर नई तैयारियां शुरू हो गई हैं। कोर्ट परिसर में भी डिजिटल सुनवाई व्यवस्था को लेकर हलचल बढ़ गई है। कई लोगों का मानना है कि इससे लंबी यात्रा और गर्मी की परेशानी से राहत मिलेगी। भीषण गर्मी के बीच अदालत की कार्यप्रणाली को आसान बनाने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। खासतौर पर दूरदराज से आने वाले लोगों को अब बार बार कोर्ट पहुंचने की मजबूरी कम हो सकती है।
अब वीडियो माध्यम से होगी सुनवाई : Video Conferencing
हाईकोर्ट प्रशासन ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान अधिकतर मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करने का फैसला लिया है। अदालत का कहना है कि इससे समय, संसाधन और ईंधन की बचत होगी। साथ ही न्यायिक कामकाज भी बिना रुकावट जारी रखा जा सकेगा।
जरूरत पड़ने पर होगी फिजिकल हियरिंग
नई व्यवस्था में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विशेष परिस्थितियों में अधिवक्ताओं और पक्षकारों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने की अनुमति दी जाएगी। यानी जरूरी मामलों में फिजिकल हियरिंग की व्यवस्था भी जारी रहेगी।
कर्मचारियों को मिली राहत
हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की सुविधा लागू की है। हालांकि कार्यालयों में कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है ताकि नियमित कार्य प्रभावित न हों। इस व्यवस्था से कर्मचारियों को यात्रा और गर्मी से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार पूलिंग को भी बढ़ावा
ईंधन बचाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए हाईकोर्ट प्रशासन ने जजों और कर्मचारियों को कार पूलिंग अपनाने के निर्देश (Video Conferencing) दिए हैं। बताया गया है कि यह फैसला अदालतों में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद फैसला
जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य अदालतों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाना और कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाना बताया गया है।



