सीजी भास्कर 19 अप्रैल
धमधा ब्लॉक के ग्राम पंचायत दानी कोकड़ी में प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। निजी कंपनी द्वारा किए जा रहे सर्वे के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और इसे गांव के भविष्य, पर्यावरण और आजीविका से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताया जा रहा है।
बिना सहमति सर्वे का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि मेसर्स इकोमेन माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खनन सर्वे की प्रक्रिया ग्राम सभा की अनुमति और स्थानीय लोगों की सहमति के बिना शुरू की गई है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए आरोप लगाया कि न तो उन्हें पहले जानकारी दी गई और न ही उनकी राय ली गई।
पर्यावरण और जल स्रोतों पर खतरा
ग्रामीणों के अनुसार प्रस्तावित खदान क्षेत्र में लगभग 58.779 हेक्टेयर का जलग्रहण क्षेत्र शामिल है, जो गांव की जल व्यवस्था और खेती का मुख्य आधार है। खनन शुरू होने पर भूमिगत जल स्तर में गिरावट, जल स्रोतों के सूखने और कृषि उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
आंदोलन की चेतावनी और कानूनी तैयारी
ग्रामीणों ने बताया कि वे इस मामले को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सर्वे पर रोक नहीं लगाई गई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा और न्यायालय का सहारा लिया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


