सीजी भास्कर, 27 मई : सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाने के सामने कांग्रेस का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस के प्रदर्शन (Vishrampur Protest) को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को और राजनीतिक रूप से अहम बना दिया है। कांग्रेस ने साफ कहा है कि जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट की एफआईआर वापस नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
एक मंच पर दिखे कांग्रेस के दिग्गज नेता
कांग्रेस में चल रही अंदरूनी बयानबाजी के बीच कांग्रेस का प्रदर्शन (Vishrampur Protest) ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। टीएस सिंहदेव, भूपेश बघेल और दीपक बैज एक ही मंच पर नजर आए। आंदोलन स्थल से शिवनंदनपुर नगर पंचायत की चुनावी सभा तक तीनों नेता एक ही वाहन में पहुंचे, जिससे संगठनात्मक एकजुटता दिखाने की कोशिश भी साफ दिखाई दी।
टीएस सिंहदेव ने नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर को कानूनन गलत बताते हुए प्रशासन को कार्रवाई के लिए शाम तक का अल्टीमेटम दिया था। कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने आमरण अनशन शुरू कर दिया।
भूपेश बोले- चुनाव प्रभावित करने हो रही कार्रवाई
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव प्रभावित करने के लिए कांग्रेस नेताओं पर फर्जी मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता सब कुछ याद रखेंगे और समय आने पर जनता इसका जवाब देगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता के अहंकार में प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
दूसरे पक्ष पर भी दर्ज हुई एफआईआर
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में दूसरे पक्ष पर भी कार्रवाई शामिल थी। विश्रामपुर पुलिस ने नरेंद्र जैन की शिकायत पर दूसरे पक्ष के खिलाफ धारा 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके बाद टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर इसे आंदोलन की पहली जीत बताया।
आंदोलन स्थल पर देर रात तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की भारी भीड़ बनी रही। कई कार्यकर्ता भूख हड़ताल में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
क्या है पूरा मामला
कांग्रेस के मुताबिक भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय और कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के बीच चुनावी विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद नरेंद्र जैन को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष की शिकायत पर नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
पुलिस शिकायत में कहा गया है कि नरेंद्र जैन ने कटार दिखाकर धमकी दी थी, हालांकि अब तक कथित हथियार बरामद नहीं हो सका है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार आंदोलन कर रही है और (Vishrampur Protest) अब प्रदेश की बड़ी राजनीतिक लड़ाई में बदलता दिखाई दे रहा है।




