सीजी भास्कर, 8 नवंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक (Water Development Review) आयोजित की। बैठक में उन्होंने प्रदेशभर में चल रही निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संसाधन परियोजनाएँ केवल विकास योजनाएं नहीं, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को सिंचाई और पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्यों में गति लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जहां परियोजनाओं में विलंब हो रहा है, वहां जिम्मेदारी तय करते हुए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएँ।
बैठक में विभागीय सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो (Water Development Review) ने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से प्रदेश की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं, बांधों, नहर निर्माण कार्यों और जल संरक्षण योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई परियोजनाएँ अंतिम चरण में हैं और निर्धारित समय से पहले पूर्ण करने की दिशा में कार्य जारी है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पी. दयानंद सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा दिलाना प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक किसान को सिंचाई सुविधा से जोड़ना है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी निर्माण एजेंसियाँ क्षेत्रवार समीक्षा करें और फील्ड स्तर पर आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर करें। मुख्यमंत्री ने विभागीय सचिव को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाए और सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही से ही जल संसाधन परियोजनाओं की गुणवत्ता बनी रह सकती है।


