सीजी भास्कर, 2 जुलाई। छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में राज्य सरकार की पहल अब जमीन पर सकारात्मक परिणाम देने लगी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कृषि विभाग किसानों को खरीफ के साथ रबी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसी पहल का लाभ उठाकर जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम सोगड़ा निवासी किसान कीना राम ने सीमित कृषि भूमि में गेहूं की खेती (Wheat Farming Success) अपनाकर अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
जशपुर के किसान कीना राम ने रबी सीजन में गेहूं की खेती (Wheat Farming Success) अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित की। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (National Food Security Mission – NFSM) के तहत अनुदान पर उन्नत बीज मिलने से कम लागत में बेहतर उत्पादन मिला। अब परिवार को गुणवत्तापूर्ण अनाज मिलने के साथ अतिरिक्त गेहूं बेचकर आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।
कृषि विभाग के मार्गदर्शन से बदली खेती की तस्वीर
मनोरा विकासखंड के किसान कीना राम ने बताया कि कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के मार्गदर्शन में उन्होंने पहली बार रबी सीजन में गेहूं की खेती (Wheat Farming Success) शुरू की। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (National Food Security Mission – NFSM) के तहत उन्हें एक एकड़ भूमि के लिए उन्नत किस्म का गेहूं बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया गया।
गोबर खाद और वैज्ञानिक खेती से मिला बेहतर उत्पादन
किसान ने खेत की अच्छी तैयारी कर पर्याप्त मात्रा में गोबर की खाद का उपयोग किया। समय पर सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण करने से फसल पूरी तरह स्वस्थ रही। कीट एवं रोगों का प्रकोप भी बेहद कम रहा, जिससे गेहूं का उत्पादन अपेक्षा से अधिक मिला और खेती लाभ का सौदा साबित हुई।
पहले खाली रहती थी जमीन, अब मिल रही अतिरिक्त आमदनी
कीना राम के पास कुल 0.800 हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वे केवल खरीफ सीजन में धान की खेती करते थे और रबी के दौरान खेत खाली छोड़ देते थे। परिवार के उपयोग के लिए गेहूं बाजार से खरीदना पड़ता था। अब गेहूं की खेती (Wheat Farming Success) शुरू होने से परिवार को घर का गुणवत्तापूर्ण अनाज मिल रहा है और अतिरिक्त उत्पादन बेचकर अच्छी आय भी प्राप्त हो रही है।
खाली समय और संसाधनों का बेहतर उपयोग
किसान का कहना है कि धान कटाई के बाद रबी सीजन में गेहूं लगाने से खेत खाली नहीं रहते। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है, खेती की लागत नियंत्रित रहती है और लाभप्रदता बढ़ी है। इससे परिवार की खाद्य सुरक्षा के साथ आर्थिक स्थिति भी पहले से अधिक मजबूत हुई है।
अन्य किसानों से भी की रबी फसल अपनाने की अपील
कीना राम ने अन्य किसानों से भी खरीफ के साथ रबी सीजन में गेहूं (Wheat), दलहन (Pulses) और तिलहन (Oilseed Crops) की खेती अपनाने की अपील की है। उनका कहना है कि कम लागत, कम समय और बेहतर उत्पादन के कारण रबी फसल किसानों के लिए अतिरिक्त आय का मजबूत माध्यम बन सकती है। उन्होंने कृषि विभाग और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिले मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।



