CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » कभी दुनिया को झुकाने वाली ‘इस्लामिक उम्मा’ अब क्यों बेदम? ईरान-इजरायल युद्ध में जुबानी जंग तक सिमटा साथ

कभी दुनिया को झुकाने वाली ‘इस्लामिक उम्मा’ अब क्यों बेदम? ईरान-इजरायल युद्ध में जुबानी जंग तक सिमटा साथ

By Newsdesk Admin
20/06/2025
Share

सीजी भास्कर 20 जून जिन लोगों को साठ के दशक की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बारे में पता होगा उन्हें यह भी पता होगा किस तरह दुनिया भर के ताकतवर इस्लामी देशों ने मिलकर इजरायल के खिलाफ युद्ध लड़ा था. हालांकि फिर भी वे इजरायल को घुटनों पर नहीं ला सके.इजरायल 6 दिन की जंग में इस्लामी देशों को अकेले धूल चटा दिया था.

हालांकि आज वैसी स्थिति नहीं है. आज इस्लामी देशों के पास परमाणु बम है और एक से एक खतरनाक मिसाइलें हैं. पर ईरान के समर्थन में इस्लामी देश केवल जुबानी जंग ही लड़ रहे हैं. कोई भी खुलकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ आना नहीं चाहता है. यहां तक कि इ्स्लामी दुनिया का खलीफा बनने की इच्छा रखने वाले तुर्किए और पाकिस्तान तो तो मैदान छोड़ने वालों में सबसे आगे हैं.कभी इस्लामिक उम्मा की ताकत के सामने झुकती थी दुनियाइस्लामी एकता का एक ऐसा भी युग था जब पूरी दुनिया को झुकाने की हैसियत रखता था. इतिहास में कई मौकों पर ये दिखाई भी दिया. इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष ने दुनिया भर के मुसलमानों को एक साथ आने का मौका दिया. इजरायल की स्थापना के बाद 1948 के प्रथम अरब-इजरायल युद्ध में मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, लेबनान, और इराक ने एकजुट होकर इजरायल के खिलाफ जंग लड़ी.

हालांकि फिर भी इजरायल को हराने में ये देश नाकाम रहे पर एकता का यह पहला बड़ा प्रदर्शन था. उसके बाद 1967 में छह दिवसीय युद्ध में भी इस्लामी देशों ने संयुक्त मोर्चा बनाकर इजरायल को हराने की कोशिश की पर सफलता नहीं मिली.पर 1969 में अल-अक्सा मस्जिद में आगजनी के बाद, सऊदी अरब, मिस्र, और अन्य इस्लामी देशों ने रबात में सम्मेलन बुलाकर इस्लामिक एकता के संबंध में एक बड़ा फैसला लिया और OIC जैसा संगठन बनाया.

यह इस्लामिक उम्मा की सबसे बड़ा असर 1973 के योम किप्पुर युद्ध के समय दिखा. मिस्र और सीरिया ने इजरायल पर हमला किया, जिसमें सऊदी अरब और अन्य अरब देशों ने तेल प्रतिबंध लगाकर समर्थन दिया. 1979 की ईरानी क्रांति में ईरान ने शाह के पश्चिमी-समर्थित शासन को उखाड़ फेंका, जिसे कई इस्लामी देशों ने इस्लामिक उम्मा की जीत माना. पर बाद के दशकों में शिया-सुन्नी विभाजन, राष्ट्रीय हित, और पश्चिमी कूटनीति ने इस एकता को कमजोर किया.

2025 आते आते तो ऐसा लगता है कि दुनिया में इस्लामी उम्मा नाम की कोई चीज रह ही नहीं गई है.1979 की ईरानी क्रांति के बाद से, सऊदी अरब और अन्य सुन्नी देशों ने ईरान को एक खतरे के रूप में देखा, जिसने इस्लामी एकता को और कमजोर किया.तुर्की की क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं, और पाकिस्तान की वेस्ट पर आर्थिक और सैन्य निर्भरता ने इस एकता को हमेशा के लिए कमजोर कर दिया.

पाकिस्तान की दोहरी नीति, और फिर पीछे हटनाइजरायल के ईरान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने इस्लामी दुनिया में चौधरी बनने की कोशिश के तहत पहले तो ईरान का समर्थन किया पर शायद जल्दी ही दूर भी हो गया. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इजरायल के हमलों की पाकिस्तान के संसद में निंदा की और युद्धविराम की अपील की. पाकिस्तान सरकार ने इजरायल के खिलाफ मुस्लिम एकता का आह्वान भी किया.पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की डोनाल्ड ट्रंप के साथ 19 जून 2025 को व्हाइट हाउस में लंच ने पूरा माहौल ही बदल दिया है.

BJP विधायक चिंतामणि का दो टूक जवाब: ‘माफी मांगना मेरा स्वभाव नहीं’, सिंहस्थ भूमि अधिग्रहण मामले पर उठाए थे सवाल..
आगरा में राणा सांगा जयंती पर करणी सेना की रैली में हंगामा, पुलिस को देख कार्यकर्ताओं ने निकालीं तलवार
Auraiya Golgappa Fight: पानी पूरी के स्वाद से उठी चिंगारी, पुलिस चौकी में दो गुटों की मारपीट से मचा हंगामा
10 साल की बच्ची से रेप, घर पर अकेली देख ​​​​​​​पड़ोसी की….परिजनों की शिकायत पर आरोपी गिरफ्तार…
CG Breaking 🔵 मुख्य सचिव अमिताभ जैन को राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष का अतरिक्त प्रभार
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

No relief for Simplex director Sangeeta Ketan Shah : करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में जमानत याचिका खारिज, कोर्ट बोला- मामला गंभीर

No relief for Simplex director Sangeeta Ketan Shah

Big update in Chhattisgarh Forest Guard Recruitment : 1484 पदों पर जल्द होगी लिखित परीक्षा

Big update in Chhattisgarh Forest Guard Recruitment

Rahul Gandhi
Rahul Gandhi : राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर आखिर क्यों गरमाई सियासत, खर्च को लेकर उठे बड़े सवाल

सीजी भास्कर, 14 मई। देश की राजनीति में…

Kubbra Sait
Kubbra Sait : जिस रोल को लोगों ने बताया था बड़ी गलती, उसी ने बदल दी इस एक्ट्रेस की पूरी किस्मत

सीजी भास्कर, 14 मई। फिल्मी दुनिया में पहचान…

DA Hike
DA Hike : थलापति विजय ने कर्मचारियों और महिलाओं को लेकर किया बड़ा ऐलान, अब खातों में आएगी राहत

सीजी भास्कर, 14 मई। तमिलनाडु में गुरुवार को…

You Might Also Like

देश-दुनिया

जयपुरः माथा फोड़ देंगे ये ध्यान रखना, बाबा कहते हैं… थानेदार की सीट पर बैठकर बीजेपी विधायक बालमुकुंद ने किसको धमकाया?

15/07/2025
ट्रेंडिंगदेश-दुनियाफीचर्डराजनीतिराज्य

पंजाब के मजीठा जहरीली शराब कांड पर अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान, ‘दोषी कोई भी क्यों न हों, सजा मिलेगी’

13/05/2025
अपराधछत्तीसगढ़राज्य

सहेलियों संग बैठी थी 17 साल की लड़की, सिरफिरे ने पेट्रोल डालकर लगा दी आग, मुंबई में खौफनाक कांड!

04/03/2025
टेक्नोलॉजीदेश-दुनियाराज्यशिक्षा

UP Board Exam 2025: परीक्षा के दौरान केंद्र व्यवस्थापक ने व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा पेपर, शिकायत दर्ज

03/03/2025
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?