सीजी भास्कर, 19 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड (Wild Bear Sighting Makdi) में शनिवार की रात उस वक्त दहशत फैल गई, जब ओटेंडा मेला देखकर लौट रहे ग्रामीणों का सामना सीधे वन्यजीवों से हो गया। माकड़ी से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भीमाबेड़ा गांव के पास तड़के करीब 3:30 बजे दो भालू सड़क पर टहलते हुए नजर आए। इस की घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, क्योंकि भालू आबादी वाले क्षेत्र के बिल्कुल करीब पहुंच गए थे।
मेले से लौट रहे थे ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, कुछ ग्रामीण ओटेंडा मेला देखकर बाइक से वापस माकड़ी की ओर लौट रहे थे। भीमाबेड़ा के पास हेडलाइट की रोशनी में उन्हें अचानक सड़क पार करते हुए एक वयस्क भालू और उसका शावक दिखाई दिया। अचानक हुए इस आमने-सामने के मुकाबले से कुछ देर के लिए ग्रामीणों की सांसें थम गईं। गनीमत यह रही कि इस (Wild Bear Sighting Makdi) के दौरान भालुओं ने इंसानों पर हमला नहीं किया और वे सड़क पार कर सीधे घने जंगल की ओर ओझल हो गए।
किसी प्रकार की जनहानि नहीं
राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या नुकसान की खबर नहीं मिली है। प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत इसकी जानकारी गांव के अन्य लोगों और वन विभाग को दी। इस (Wild Bear Sighting Makdi) के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की बात कही है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे रात और तड़के के समय अकेले सुनसान रास्तों पर जाने से बचें, विशेष रूप से जंगलों से सटे इलाकों में सावधानी बरतें।
भोजन और पानी की तलाश में बस्ती की ओर रुख
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान मौसम में जंगलों के भीतर पानी के स्रोत सूखने लगते हैं, जिसकी तलाश में जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं। भीमाबेड़ा में हुई इस (Wild Bear Sighting Makdi) को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। जंगल के किनारे बसे गांवों में अब मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
भीमाबेड़ा और आसपास के गांवों में भालू दिखने के बाद से डर का माहौल है। किसानों को खेतों की रखवाली करने और मवेशियों को चराने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। इस (Wild Bear Sighting Makdi) ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव द्वंद्व की संभावनाओं को हवा दे दी है। वन विभाग ने अपील की है कि यदि भालू दोबारा दिखाई दें, तो उन्हें परेशान करने या पत्थर मारने के बजाय तुरंत विभाग को सूचित करें।


