सीजी भास्कर, 09 जुलाई : युवा कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव (Youth Congress Election) को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। संगठन के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ अब दो प्रमुख खेमों के बीच सिमटती नजर आ रही है। शुरुआती रेफरल (Youth Congress Election) आंकड़ों में बलौदाबाजार के युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र बंजारे सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि संगठन के भीतर बदलते समीकरणों ने उनकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया है। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक किसी भी दावेदार या आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रेफरल में शैलेन्द्र सबसे आगे
संगठन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, रेफरल प्रक्रिया के शुरुआती आंकड़ों में शैलेन्द्र बंजारे को 317 रेफरल मिले हैं, जो सभी दावेदारों में सबसे अधिक हैं। उनके बाद प्रशांत बोकड़े को 224 और सोनू शर्मा को 221 रेफरल प्राप्त हुए हैं।
वहीं दूसरे खेमे से विनय शील को 192, लोकेश वशिष्ठ को 183, निखिलकांत साहू को 168, हनी बग्गा को 146 और साजल चंद्राकर को 106 रेफरल मिलने की जानकारी सामने आई है। इन आंकड़ों को संगठन के भीतर शुरुआती समर्थन का संकेत माना जा रहा है।
बदलते समीकरणों ने बढ़ाई दावेदारी
राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, पूर्व विधायक देवेंद्र यादव के पैनल को नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव के खेमे का समर्थन मिलने की चर्चा है। माना जा रहा है कि इससे शैलेन्द्र बंजारे की स्थिति और मजबूत हुई है।
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समर्थक खेमे से विनय शील को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। हालांकि संगठन की ओर से इन राजनीतिक समीकरणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
कौन हैं शैलेन्द्र बंजारे?
बलौदाबाजार जिले के रसेड़ा गांव निवासी शैलेन्द्र बंजारे वर्ष 2022 से युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं। वर्ष 2025 में वे जिला पंचायत सदस्य भी निर्वाचित हुए। इससे पहले वे एनएसयूआई में कॉलेज अध्यक्ष और प्रदेश सचिव जैसी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
बलौदाबाजार आगजनी प्रकरण के दौरान वे पूर्व विधायक देवेंद्र यादव के साथ जेल भी गए थे। संगठन में सक्रिय भूमिका और लंबे समय से जमीनी राजनीति में सक्रिय रहने के कारण उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
प्रशांत और सोनू भी मुकाबले में
रेफरल के आंकड़ों में प्रशांत बोकड़े और सोनू शर्मा भी मजबूत स्थिति में बताए जा रहे हैं। वहीं आदित्य भगत का नाम भी चर्चा में है, लेकिन आयु सीमा को लेकर उनके चुनाव लड़ने पर संशय जताया जा रहा है।
क्या होता है रेफरल?
रेफरल युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में ब्लॉक अध्यक्षों और संगठन के प्रतिनिधियों से मिलने वाला शुरुआती समर्थन होता है। इससे यह अंदाजा लगाया जाता है कि किस उम्मीदवार की संगठन में शुरुआती पकड़ कितनी मजबूत है। हालांकि अंतिम परिणाम केवल रेफरल से तय नहीं होता।
इसके बाद सदस्यता सत्यापन, स्क्रूटनी और अन्य चुनावी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष का चयन किया जाता है।
किसे मिले कितने रेफरल?
- शैलेन्द्र बंजारे – 317
- प्रशांत बोकड़े – 224
- सोनू शर्मा – 221
- विनय शील – 192
- लोकेश वशिष्ठ – 183
- निखिलकांत साहू – 168
- हनी बग्गा – 146
- साजल चंद्राकर – 106
सर्वसम्मति की भी चर्चा
कांग्रेस संगठन के भीतर यह चर्चा भी है कि पिछले युवा कांग्रेस चुनाव में गुटबाजी का असर संगठन पर पड़ा था। ऐसे में इस बार वरिष्ठ नेता आपसी सहमति से एक नाम पर सहमति बनाने की कोशिश कर सकते हैं, ताकि संगठन में टकराव की स्थिति न बने। हालांकि इस संबंध में भी कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
29 मई से शुरू हुई चुनाव प्रक्रिया
भारतीय युवा कांग्रेस ने प्रदेश में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया 29 मई से शुरू की थी। नामांकन के बाद फिलहाल सदस्यता सत्यापन, स्क्रूटनी और रेफरल की प्रक्रिया जारी है। अध्यक्ष पद के लिए सदस्यता की आयु सीमा 18 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है। सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।



