सीजी भास्कर, 21 अप्रैल : नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा (Urban Governance Review) के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगर पंचायतों के कामकाज की गहन समीक्षा की। बैठक की शुरुआत से ही उन्होंने साफ संकेत दे दिए कि अब शहरों में अव्यवस्था और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को निर्देशित किया कि बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर तत्काल प्रभाव से सख्ती से रोक लगाई जाए।
उप मुख्यमंत्री (Urban Governance Review) ने कहा कि नई सोच और नई कार्यपद्धति के साथ शहरों का विकास किया जाना चाहिए, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने नगर पंचायतों के कार्यों और व्यवस्थाओं में कसावट लाने पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक (Urban Governance Review) के दौरान उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, सड़क, रोशनी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शहरों को केवल साफ-सुथरा ही नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
श्री साव ने अधिकारियों को निर्देश (Urban Governance Review) दिए कि शहरों की पहचान बेहतर योजनाबद्ध विकास से बनती है, इसलिए हर कार्य सुनियोजित तरीके से किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की छवि शहरों के कामकाज से बनती है, इसलिए हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए।
उन्होंने अंत में (Urban Governance Review) दोहराया कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाते हुए नागरिकों के लिए अधिक से अधिक जनसुविधाएं विकसित करना ही प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए।


