सीजी भास्कर, 21 अप्रैल |
रेलवे बोर्ड ने विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र को लिए बड़ा कदम उठाया है. रेलवे जोन को स्पष्टीकरण देते हुए बोर्ड ने मौजूदा नियम बताए हैं, जिनके तहत कार्ड धारक दिव्यांगजन SLRD कोच में सफर कर सकेंगे और अनाधिकृत यात्रियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अब ये साफ हो गया है कि विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID) धारक सभी दिव्यांगजन मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के आरक्षित SLRD और LSLRD कोचों में यात्रा करने के पात्र है . दिव्यांगजनों के लिए ये खबर बेहद अहम मानी जा रही है, जो उनके में आने वाली परेशानियों को दूर कर सकती है.
किसे माना जाएगा ‘प्रामाणिक यात्री’?
परिपत्र के मुताबिक निम्नलिखित दो श्रेणियों के यात्रियों को इन विशेष कोचों में यात्रा के लिए बोनाफाइड (प्रामाणिक) माना जाएगा. पहला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPWD) द्वारा जारी वैध UDID कार्ड धारक को, दूसरा वे दिव्यांगजन जिन्हें भारतीय रेलवे द्वारा रियायती किराया सुविधा प्रदान की गई है. रेलवे ने साफ किया है कि इन दोनों श्रेणियों के यात्रियों के पास यात्रा के लिए वैध टिकट या अधिकार पत्र होना अनिवार्य है.
अनधिकृत यात्रियों की अब खैर नहीं
अक्सर यह देखा जाता है कि दिव्यांगों के लिए आरक्षित इन कोचों में अन्य यात्री अवैध रूप से कब्जा कर लेते हैं. रेलवे ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि यदि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति इन कोचों में यात्रा करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध रेलवे अधिनियम 1989 की विभिन्न धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
रेलवे के इस कदम से रेलवे का सफर के दिव्यांगों के लिए और सुविधाजनक हो जाएगा, साथ ही आरक्षित सीटों का गलत इस्तेमाल करने वाले और ट्रेन का माहौल खराब करने वालों को भी सजा का सामना करना पड़ेगा.


