सीजी भास्कर, 23 अप्रैल : सरगुजा जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां दरिमा तहसील के कंठी हल्का में पदस्थ पटवारी प्रकाश मंडल (Patwari Assault Case) के साथ खुलेआम मारपीट की गई। इस पूरे मामले में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा मंडल अध्यक्ष मोनू कुजूर का नाम सामने आया है। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे जिले में आक्रोश का माहौल बन गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पटवारी प्रकाश मंडल अपने कंठी स्थित कार्यालय में नियमित शासकीय कार्य कर रहे थे। इसी दौरान मोनू कुजूर अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा और किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने पटवारी पर हमला कर दिया और कार्यालय के भीतर ही मारपीट शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मारपीट का यह सिलसिला कार्यालय से निकलकर सड़क तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि जब पटवारी जान बचाकर बाहर की ओर भागे, तब भी आरोपी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा और डंडे से बेरहमी से पिटाई करता रहा। भयभीत पटवारी इधर-उधर भागते रहे, लेकिन आरोपी लगातार हमला करता रहा। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि मारपीट करने वाला मोनू कुजूर उर्फ जितेंद्र, करजी खर्रा का निवासी है और वर्तमान में भाजपा अजा मोर्चा मंडल दरिमा का अध्यक्ष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह पहले भी विवादित गतिविधियों में शामिल रहा है, जिससे इस घटना ने और गंभीर रूप ले लिया है।
इस घटना के बाद जिलेभर के पटवारियों (Patwari Assault Case) में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पटवारियों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे राजस्व अमले की गरिमा पर सीधा प्रहार है। उन्होंने दरिमा थाने में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पटवारी (Patwari Assault Case) संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मुद्दे पर एक आपात बैठक बुलाई जा रही है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। साथ ही जिले के सभी पटवारी कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।
पटवारियों का कहना है कि दिनदहाड़े इस तरह की गुंडागर्दी कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। शासकीय कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषियों पर कितनी सख्ती बरती जाती है।


