सीजी भास्कर, 27 जुलाई। नंदिनी माइंस टाउनशिप में इन दिनों सरकारी आवासों को लेकर लोगों के बीच चर्चाएं (BSP Quarters) तेज हैं। कॉलोनी में रहने वाले कई नागरिकों का दावा है कि बड़ी संख्या में सरकारी क्वार्टर नियमों के मुताबिक इस्तेमाल नहीं हो रहे। अवैध कब्जे, किराये पर आवास चलाने और सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
इलाके के लोगों का कहना है कि यदि पूरे टाउनशिप का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई ऐसे मामले सामने आ सकते हैं, जिनसे सरकारी संपत्ति के उपयोग और राजस्व से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल इन दावों को लेकर स्थानीय नागरिकों ने जांच की मांग उठाई है।
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650 क्वार्टरों पर अवैध कब्जे का दावा BSP Quarters
स्थानीय नागरिकों के अनुसार भिलाई इस्पात संयंत्र की नंदिनी माइंस टाउनशिप में करीब 1200 सरकारी क्वार्टर हैं। दावा किया गया है कि इनमें से लगभग 650 आवासों पर कथित रूप से अवैध कब्जा है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

किराये पर चलाए जाने के भी लगाए गए आरोप
नागरिकों ने आरोप लगाया है कि कुछ सरकारी शिक्षक और अन्य आवंटित लोग अपने नाम पर मिले बीएसपी क्वार्टरों को नियमों के विपरीत किराये पर चला रहे हैं। यह भी दावा किया गया है कि कुछ बीएसपी कर्मचारियों ने दो दो क्वार्टर आवंटित कराकर उन्हें करीब छह हजार रुपये प्रतिमाह तक किराये पर दे रखा है।
स्कूल और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ सरकारी क्वार्टरों का उपयोग बिना अनुमति स्कूल चलाने और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। यदि जांच होती है तो इन मामलों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
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बिजली पानी चोरी और अवैध निर्माण के आरोप
टाउनशिप मार्केट को लेकर भी कई आरोप लगाए गए हैं। नागरिकों का कहना है कि कई स्थानों पर अवैध निर्माण कर बड़े मकान (BSP Quarters) बना दिए गए हैं। इसके अलावा कुछ दुकानों, गैरेज और वर्कशॉप में कथित रूप से अवैध बिजली कनेक्शन, अवैध नल कनेक्शन और बिना अनुमति व्यवसाय संचालित किए जा रहे हैं।
कुछ प्रतिष्ठानों में वर्षों पुराने काले मीटर लगे होने का दावा करते हुए उनकी जांच और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बदलने की मांग भी की गई है।
बीएसपी अधिकारी ने क्या कहा
मामले में बीएसपी प्रशासन विभाग के सहायक प्रबंधक एस एन शुक्ला से जानकारी मांगी गई। उन्होंने इस विषय पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि संबंधित जानकारी सूचना के अधिकार के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
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जांच और सर्वे की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे टाउनशिप का व्यापक सर्वे कराने, सरकारी आवासों के उपयोग का भौतिक सत्यापन कराने, बिजली और पानी की कथित चोरी की निष्पक्ष जांच करने तथा यदि अनियमितता मिले तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई (BSP Quarters) की मांग की है।
फिलहाल यह उल्लेखनीय है कि अवैध कब्जे, किराया कारोबार, बिजली पानी चोरी और अन्य अनियमितताओं से जुड़े सभी दावे स्थानीय नागरिकों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या किसी जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।
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गोवर्धन प्रसाद ताम्रकार



