सीजी भास्कर, 12 सितम्बर। बिलासपुर के डीपी विप्र विधि महाविद्यालय में एक जूनियर छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने छात्र तुषार दुबे पर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने का दबाव बनाया। छात्र के इनकार करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। (Bilaspur College Ragging Case)
बताया जा रहा है कि महेश साहू, अखिलेश समेत करीब दर्जनभर छात्रों ने तुषार को घेर लिया था। आरोप यह भी है कि मारपीट में कॉलेज के वर्तमान छात्रों के अलावा कुछ ऐसे युवक भी शामिल थे, जिन्होंने कई साल पहले कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर ली है। घटना के बाद जूनियर छात्रों में डर का माहौल है और उन्होंने मामले की रैगिंग एंगल से भी जांच की मांग की है।
प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार पर मारपीट का आरोप : Bilaspur College Ragging Case
छात्रों के मुताबिक, सीनियर छात्र तुषार पर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में बैठने का दबाव बना रहे थे। तुषार ने प्रदर्शन में शामिल होने से मना किया, जिसके बाद उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई।
छात्रों का कहना है कि सीनियर होने के नाम पर जूनियर छात्रों पर किसी गतिविधि में शामिल होने का दबाव बनाना और इनकार करने पर मारपीट करना गंभीर मामला है। इसी वजह से उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुराने छात्रों के कैंपस में आने पर भी सवाल
छात्रों ने आरोप लगाया है कि मारपीट में कुछ ऐसे युवक भी शामिल थे, जो वर्षों पहले कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। उनका दावा है कि ये लोग अब भी कॉलेज परिसर में सक्रिय रहते हैं और छात्रों पर प्रभाव डालने की कोशिश करते हैं।
छात्रों ने मांग की है कि मामले की जांच कर यह भी स्पष्ट किया जाए कि कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुके लोग परिसर में किस आधार पर गतिविधियों में शामिल हो रहे थे।
रैगिंग एंगल से जांच की मांग : Bilaspur College Ragging Case
जूनियर छात्रों का कहना है कि सीनियर छात्रों की भूमिका नए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी नवप्रवेशी छात्र पर उसकी इच्छा के खिलाफ किसी गतिविधि में शामिल होने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर मारपीट की गई, तो मामले की रैगिंग के एंगल से भी जांच होनी चाहिए।
कॉलेज कमेटी ने कार्रवाई का फैसला लिया
कॉलेज की प्राचार्य सुषमा तिवारी ने बताया कि कुछ पुराने छात्र चलती क्लास में पहुंचकर इंट्रोडक्शन लेने लगे थे। शिक्षक के मना करने के बाद वे प्रदर्शन करने लगे और छात्रों को जबरन प्रदर्शन में बैठने के लिए कह रहे थे। इसी दौरान एक छात्र के मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
प्राचार्य के मुताबिक, घटना के बाद कॉलेज कमेटी की बैठक हुई। जबरन विवाद करने वाले पुराने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। उनके कॉलेज में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। साथ ही मामले की जानकारी बार काउंसिल को भेजकर कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।
लिखित शिकायत के बाद FIR पर फैसला : Bilaspur College Ragging Case
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि मामला कॉलेज कैंपस का है। गवर्निंग बॉडी की ओर से लिखित जानकारी मिलने के बाद FIR दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज प्रबंधन ने छात्र के आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए कहा है। पुलिस के मुताबिक, मामले की पूरी जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


