सीजी भास्कर, 10 सितंबर : कॉलेज की मूलभूत सुविधाओं और प्राचार्य के कथित रवैये के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन (Daudilohara College Protest) बुधवार को सड़क तक पहुंच गया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने करीब 10 मिनट तक मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया। इसके बाद कॉलेज के मुख्य गेट पर धरना देकर प्राचार्य को हटाने की मांग की गई।

10 मिनट तक चक्काजाम Daudilohara College Protest
मामला बालोद जिले के डौंडीलोहारा स्थित शासकीय एकलव्य महाविद्यालय का है। विद्यार्थियों ने सुबह करीब 11 बजे दल्लीराजहरा-राजनांदगांव मार्ग पर कॉलेज के सामने चक्काजाम कर दिया। पुलिस की समझाइश के बाद छात्र सड़क से हटे, लेकिन उन्होंने कॉलेज परिसर में अपना विरोध जारी रखा।
छात्र-छात्राएं मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए और प्राचार्य रोशन आरा को हटाने की मांग करने लगे। छात्रों का विरोध प्रदर्शन (Daudilohara College Protest) शाम करीब 5 बजे तक चला। इस दौरान विद्यार्थियों ने प्राचार्य का पुतला भी दहन किया। तेज धूप के बावजूद छात्र अपनी मांगों को लेकर धरनास्थल पर डटे रहे।
यह भी पढ़ें…Khairagarh Sharp Weapon Monitoring : चाकू-छुरी की ऑनलाइन डिलीवरी से फैब्रिकेशन तक पुलिस की नजर
दो साल से बिजली-पंखे बंद
विद्यार्थियों मनीषा साहू, देविका साहू, लोकंछा और नारायण ने बताया कि कॉलेज की कई कक्षाओं में करीब दो साल से बिजली और पंखों की समस्या बनी हुई है। गर्मी के दिनों में बिना पंखे के कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की समस्या भी सामने आती है।
छात्रों का कहना है कि कुछ समय पहले कक्षा की छत का प्लास्टर और पंखा गिरने की घटना भी हुई थी। शौचालयों की सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी विद्यार्थियों ने शिकायत की। प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं रोशनी शर्मा, ट्विंकल देवांगन, भुनेश्वरी और काजल का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन हर साल जनभागीदारी शुल्क लेता है, लेकिन इसके बावजूद सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।
TC की धमकी का आरोप
विद्यार्थियों ने प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि जब वे कॉलेज की समस्याओं को लेकर शिकायत करने जाती हैं तो उन्हें कथित तौर पर टीसी काटने की धमकी दी जाती है। छात्रों का आरोप है कि समस्याएं सुनने के बजाय उन्हें मारपीट की चेतावनी भी दी जाती है।
प्राचार्य के रवैये को लेकर विरोध (Daudilohara College Protest) कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि वे पिछले करीब दो वर्षों से इन समस्याओं से परेशान हैं। छात्रों की मांग है कि ऐसा प्राचार्य हो जो उनकी समस्याएं सुने और कॉलेज में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में काम करे।
एबीवीपी ने भी उठाए सवाल
एबीवीपी कार्यकर्ताओं मनीषा राणा, डीपेश, विद्या साहू, ऋषिका बारले और देवकुमार साहू ने आरोप लगाया कि कॉलेज की समस्याओं को लेकर पहले भी प्रदर्शन और चक्काजाम किया जा चुका है। उनका दावा है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ। एबीवीपी कार्यकर्ताओं के अनुसार मामले को लेकर कलेक्टर और मुख्यमंत्री स्तर पर भी शिकायत की गई थी। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को दोबारा आंदोलन करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज की व्यवस्थाओं में सुधार और प्राचार्य को हटाने की मांग दोहराई।
प्राचार्य ने छात्रों पर लगाए आरोप
काफी देर बाद प्राचार्य रोशन आरा भी प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से मिलने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदर्शन समाप्त कर कक्षाओं में नहीं लौटने पर टीसी संबंधी कार्रवाई की बात कही। उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर विद्यार्थियों को भड़काने और प्रदर्शन करवाने का आरोप भी लगाया। प्राचार्य ने दावा किया कि विद्यार्थियों की मांगों और मामले को लेकर वह कलेक्टर से मिलने गई थीं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर के गार्ड ने उनके सामने दरवाजा बंद कर दिया और उन्हें बाहर कर दिया। प्राचार्य के इस बयान को लेकर भी प्रदर्शन के दौरान चर्चा रही।
प्रशासन के आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन
सूचना मिलने पर एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से चर्चा कर आंदोलन समाप्त करने की समझाइश दी, लेकिन छात्र प्राचार्य को हटाने और कॉलेज की मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग पर अड़े रहे। लंबी बातचीत के बाद प्रशासन ने विद्यार्थियों को उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। एसडीएम डौंडीलोहारा शिवनाथ बघेल ने कहा कि छात्रों ने प्रदर्शन किया था और उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
प्राचार्य बोलीं- सुविधाएं जल्द पूरी होंगी
प्राचार्य रोशन आरा ने कहा कि कॉलेज की मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रबंधन भी प्रयासरत है। उन्होंने जल्द बिजली, पंखे और अन्य आवश्यक सुविधाओं को पूरा करने की बात कही। उनका कहना है कि विद्यार्थी स्वयं नहीं, बल्कि दो-तीन छात्र नेताओं के कहने पर सड़क पर उतरते हैं और इससे उनकी पढ़ाई भी बाधित होती है। वहीं, छात्रों का विरोध (Daudilohara College Protest) प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया है। अब विद्यार्थियों की मांगों पर कितनी जल्दी कार्रवाई होती है और कॉलेज की बिजली, पंखे, पेयजल व शौचालय जैसी समस्याओं का समाधान कब तक होता है, यह देखना होगा।


