सीजी भास्कर, 22 अगस्त : बेटियों की उच्च शिक्षा को आर्थिक मजबूती देने के लिए (Azim Premji Scholarship) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पात्र छात्राओं को स्नातक शिक्षा पूरी करने तक प्रतिवर्ष 30 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। छात्राएं इस राशि का उपयोग ट्यूशन फीस सहित शिक्षा से जुड़े अन्य जरूरी खर्चों के लिए कर सकेंगी।
यह छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं को कॉलेज की पढ़ाई जारी रखने में मदद करेगी। इसका उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी प्रतिभाशाली छात्रा की उच्च शिक्षा बीच में न रुकने देना है।
2 से 5 साल तक मिलेगी आर्थिक सहायता
(Azim Premji Scholarship) के तहत चयनित छात्राओं को उनकी स्नातक शिक्षा की अवधि के अनुसार 2 से 5 वर्षों तक हर साल 30 हजार रुपए की सहायता मिलेगी। इस तरह पात्र छात्रा को पूरी अवधि में अधिकतम 1.50 लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति मिल सकती है।
इस छात्रवृत्ति के लिए चयन मेरिट, जाति, आय या धर्म के आधार पर नहीं किया जाता। सरल पात्रता मानदंड और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के जरिए अधिक से अधिक पात्र छात्राओं तक इसका लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
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आर्थिक कठिनाई से पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए : कलेक्टर
17 अगस्त को कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों को पात्र छात्राओं की पहचान कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने आवेदन प्रक्रिया में छात्राओं को आवश्यक मार्गदर्शन देने और यह सुनिश्चित करने को कहा था कि आर्थिक कठिनाई के कारण किसी छात्रा की पढ़ाई बाधित न हो।
कलेक्टर ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण किसी भी छात्रा की उच्च शिक्षा रुकनी नहीं चाहिए। (Azim Premji Scholarship) जैसी पहल छात्राओं को कॉलेज शिक्षा जारी रखने के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल देती है। उन्होंने महाविद्यालयों से अधिक से अधिक पात्र छात्राओं को योजना से जोड़ने की अपील की।
छत्तीसगढ़ सहित 21 राज्यों की छात्राएं पात्र
वर्ष 2026-27 में अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप का तीसरा कोहोर्ट शुरू किया जा रहा है। इसमें 19 राज्य और 2 केंद्रशासित प्रदेश यानी कुल 21 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के अलावा आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, दिल्ली, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं।
कौन कर सकता है आवेदन
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए वे छात्राएं आवेदन कर सकती हैं, जिन्होंने 10वीं और 12वीं दोनों की पढ़ाई किसी पात्र राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के सरकारी स्कूल या कॉलेज से नियमित छात्रा के रूप में पूरी की हो।
इसके साथ ही छात्रा ने 2026-27 में भारत के किसी सरकारी संस्थान अथवा मान्यता प्राप्त निजी कॉलेज या विश्वविद्यालय में 2 से 5 वर्ष की अवधि वाले मान्यता प्राप्त स्नातक डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में नियमित छात्रा के रूप में प्रवेश लिया हो।
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आवेदन के लिए दो मौके
छात्राओं को आवेदन के लिए दो चरणों में अवसर दिया गया है। पहला चरण 10 से 31 अगस्त 2026 तक चलेगा। दूसरा चरण 10 से 31 जनवरी 2027 तक रहेगा। आवेदन केवल अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है।
आवेदन के लिए छात्राओं को पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, 10वीं और 12वीं की मूल अंकतालिका तथा प्रवेश का प्रमाण जैसे बोनाफाइड प्रमाणपत्र या शिक्षण शुल्क रसीद की स्पष्ट और बिना संपादन की गई रंगीन प्रतियां तैयार रखनी होंगी।
आवेदन पूरी तरह निःशुल्क
फाउंडेशन के अनुसार छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया के किसी भी चरण में कोई शुल्क नहीं लिया जाता। फाउंडेशन फोन कॉल या संदेश के माध्यम से बैंक खाते की जानकारी अथवा OTP नहीं मांगता। छात्रवृत्ति के लिए किसी प्रकार का साक्षात्कार भी आयोजित नहीं किया जाता।
छात्राओं को किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या व्यक्ति से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
शिक्षा से सशक्तिकरण की ओर
अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की स्थापना 9 मार्च 2001 को हुई थी। शिक्षा की गुणवत्ता और समानता के क्षेत्र में कार्यरत फाउंडेशन ने वर्ष 2024 में अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप की शुरुआत की थी। इस पहल के माध्यम से आर्थिक बाधाओं के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाने वाली छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
“अब हर लड़की कॉलेज जाएगी” की भावना के साथ यह छात्रवृत्ति बेटियों के सपनों को आर्थिक संबल देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। धमतरी जिले की पात्र छात्राओं से निर्धारित अवधि में आवेदन कर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की गई है।




