सीजी भास्कर 24 अप्रैल
रायपुर में कैंसर पीड़ित महिला व्याख्याता की चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि रोके जाने के मामले में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सख्त कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार बाबू को निलंबित कर दिया। साथ ही प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पीड़िता की शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने मात्र दो दिनों के भीतर लगभग 2 लाख रुपए की राहत राशि जारी करने के निर्देश दिए, जिससे लंबे समय से अटकी सहायता तुरंत उपलब्ध हो सकी।
आर्थिक परेशानी बताकर लगाई थी गुहार
जानकारी के मुताबिक कैंसर से जूझ रही व्याख्याता ने इलाज के दौरान आ रही आर्थिक दिक्कतों को लेकर कलेक्टर से मुलाकात कर मदद की अपील की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
तेजी से पूरी हुई प्रक्रिया, 2 दिन में राशि स्वीकृत
इसके बाद संचालनालय लोक शिक्षण को प्रस्ताव भेजा गया और प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए महज दो दिनों में राशि स्वीकृत कर संबंधित डीडीओ को भुगतान के लिए जारी कर दी गई।
बाबू ने आवेदन आगे नहीं बढ़ाया
जांच में यह सामने आया कि पीड़िता ने अपने विद्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन जमा किया था, लेकिन संबंधित सहायक ग्रेड-03 (बाबू) ने उसे उच्च कार्यालय तक भेजा ही नहीं। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर के निर्देश पर बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, धरसींवा कार्यालय में अटैच किया गया है।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जरूरतमंदों के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ितों को समय पर राहत मिल सके।


