सीजी भास्कर, 23 जुलाई। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी जमानत को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और एंटी करप्शन ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ACB/EOW) की याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट से मिली जमानत बरकरार रहेगी। (Chhattisgarh Liquor Scam)
ईडी और ACB/EOW ने हाईकोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। एजेंसियों का कहना था कि हाईकोर्ट का आदेश कानून के अनुरूप नहीं है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और अपील खारिज कर दी।
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चैतन्य बघेल को पहले ईडी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद ACB/EOW ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में जेल में रहते हुए उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं।
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ईडी केआरोपों पर अभी न्यायिक प्रक्रिया जारी : Chhattisgarh Liquor Scam
ईडी का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच कथित शराब सिंडिकेट के संचालन में चैतन्य बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही और उन्होंने करीब 1000 करोड़ रुपये के लेन-देन का संचालन किया। वहीं ACB/EOW का दावा है कि उन्हें कथित तौर पर 200 से 250 करोड़ रुपये का लाभ मिला। एजेंसी के अनुसार पूरे शराब घोटाले का आकार 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। हालांकि इन आरोपों पर अभी न्यायिक प्रक्रिया जारी है और अदालत ने किसी भी आरोपी को दोषी नहीं ठहराया है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले की जांच ईडी और ACB/EOW कर रही हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में कथित शराब सिंडिकेट के माध्यम से अवैध कमीशन वसूली का नेटवर्क संचालित किया गया। इस मामले में कई राजनेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
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चैतन्य बघेल की जमानत बरकरार
जांच एजेंसियों के अनुसार फरवरी 2019 में कथित सिंडिकेट का गठन किया गया था, जिसमें कुछ डिस्टिलरी संचालकों और अन्य लोगों की बैठक हुई थी। आरोप है कि शराब की प्रत्येक पेटी पर कमीशन तय कर अवैध वसूली की व्यवस्था बनाई गई थी।
इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कुछ आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जबकि अन्य मामलों की जांच अभी भी जारी है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से मिली जमानत फिलहाल प्रभावी रहेगी।
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