सीजी भास्कर, 07 सितंबर। अरपा पार क्षेत्र के लिए अलग नगर निगम बनाने की मांग को लेकर नागरिक सुरक्षा मंच के संस्थापक अमित तिवारी का आमरण अनशन लगातार सातवें दिन (Arpa Par Separate Municipal Corporation) भी जारी रहा। रविवार को अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और ब्लड प्रेशर कम होने के बाद डॉक्टरों ने मौके पर पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया।
तबीयत बिगड़ने के बावजूद अमित तिवारी आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अरपा पार क्षेत्र के 3 लाख से ज्यादा लोगों की मांग पूरी होने या सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन मिलने तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।

बीपी कम होने के बाद डॉक्टर ने दी ज्यादा बातचीत नहीं करने की सलाह Arpa Par Separate Municipal Corporation
अमित तिवारी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने के बाद डॉक्टर प्रदीप शुक्ला को मौके पर बुलाया गया। जांच के दौरान उनका ब्लड प्रेशर कम पाया गया।
डॉक्टर ने स्वास्थ्य को देखते हुए अमित तिवारी को ज्यादा बातचीत नहीं करने की सलाह दी। बीपी कम होने के कारण उन्हें बात करने में भी परेशानी हो रही थी।
हालांकि, अमित तिवारी ने साफ कहा कि वह जनता की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और अंतिम दम तक इस मुद्दे के लिए लड़ते रहेंगे।
3 लाख से ज्यादा लोगों की मांग बता रहे आंदोलनकारी
अमित तिवारी का कहना है कि अरपा पार क्षेत्र के विकास के लिए अलग नगर निगम का गठन जरूरी है। उनका दावा है कि इस क्षेत्र की आबादी 3 लाख से ज्यादा है और अलग निगम बनने से विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत आंदोलन नहीं है, बल्कि अरपा पार क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों की मांग से जुड़ा संघर्ष है।
यह भी पढ़ें : New Audi Q3 : नई ऑडी Q3 की लॉन्च डेट तय, जानें कीमत, इंजन और फीचर्स
विधायक अमर अग्रवाल पर वादाखिलाफी का आरोप
अलग नगर निगम की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। अमित तिवारी ने बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है।
तिवारी का कहना है कि चुनाव के दौरान अरपा पार क्षेत्र के लिए अलग नगर निगम बनाने की मांग को घोषणा पत्र में शामिल किया गया था। उनका आरोप है कि चुनाव के बाद इस दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।
उन्होंने सवाल उठाया कि सात दिनों से आमरण अनशन जारी है और स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद अब तक विधायक या प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से बातचीत की पहल क्यों नहीं की गई।
व्यापारी संघ ने भी दिया आंदोलन को समर्थन
आंदोलन को अब व्यापारी वर्ग का भी समर्थन मिलने लगा है। नागरिक सुरक्षा मंच के अनुसार, व्यापारी संघ सरकंडा ने अलग नगर निगम की मांग के समर्थन में सरकंडा क्षेत्र की दुकानें बंद रखने का आह्वान किया।
व्यापारियों का कहना है कि अरपा पार क्षेत्र के विकास और स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
फिलहाल अमित तिवारी की बिगड़ती तबीयत के बाद आंदोलन को लेकर चिंता बढ़ गई है। एक ओर आंदोलनकारी अपनी मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर उनके स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब देखना होगा कि सरकार अरपा पार क्षेत्र के लिए अलग नगर निगम की मांग पर कोई ठोस फैसला लेती है या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेता है।



