सीजी भास्कर, 25 अप्रैल : आईपीएल 2026 का आधा सफर पूरा होने को है, लेकिन यह सीजन बड़े नामों (IPL 2026 Captaincy Crisis) के लिए किसी ‘बुरे सपने’ से कम साबित नहीं हो रहा है। मैदान पर चौके-छक्के बरसाने वाले धुरंधर कप्तान अब रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनके डगमगाते फैसले टीमों को गर्त में धकेल रहे हैं। इस जानकारी के अनुसार, ऋतुराज गायकवाड़, हार्दिक पंड्या और ऋषभ पंत जैसे कप्तानों के लिए यह सीजन अब तक ‘प्रेशर टेस्ट’ बन गया है, जहां उनकी साख दांव पर लगी है।
CSK के सिस्टम में लगी सेंध
चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी संभाल रहे ऋतुराज गायकवाड़ इस सीजन में अपनी लय पूरी तरह खो चुके हैं। 7 मैच, मात्र 104 रन और 14.85 का औसत। गायकवाड़ न केवल बल्ले से फ्लॉप हो रहे हैं, बल्कि उनकी फील्ड सेटिंग और गेंदबाजी बदलाव भी मैच के टेम्पो से कटे हुए नजर आ रहे हैं। इस रिपोर्ट (IPL 2026 Captaincy Crisis) के बीच अब चेन्नई में कप्तानी बदलने और संजू सैमसन को कमान सौंपने की अटकलें तेज हो गई हैं।
27 करोड़ की कीमत और फॉर्म का ‘कर्ज’
इस सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी (27 करोड़) ऋषभ पंत पर कीमत का दबाव साफ दिख रहा है। 7 मैचों में केवल 147 रन बनाने वाले पंत की कप्तानी में आक्रामकता तो है, लेकिन संतुलन की भारी कमी है। दिल्ली की टीम फिलहाल 9वें स्थान पर है और पंत की खुद की बिखरी हुई लय टीम के मनोबल को तोड़ रही है। मैदान पर उनकी गंभीरता को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं।
हार्दिक पंड्या का 3D प्लेयर का 1D प्रदर्शन
मुंबई इंडियंस को हार्दिक से ‘ऑलराउंड’ जादू की उम्मीद थी, लेकिन वे तीनों डिपार्टमेंट में आधे-अधूरे दिख रहे हैं। 6 पारियों में 97 रन और मात्र 3 विकेट। रोल क्लैरिटी की कमी और कभी फिनिशर तो कभी ओपनर बनने की जद्दोजहद ने मुंबई को रणनीतिक रूप से कमजोर कर दिया है, जिससे टीम 8वें पायदान पर खिसक गई है।
पराग को टीम बचा रही, गिल अकेले लड़ रहे
एक ओर जहां रियान पराग (RR) खुद फेल होकर भी टीम के अच्छे प्रदर्शन के दम पर टॉप-2 में बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर शुभमन गिल का हाल ‘अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता’ जैसा है। गिल ने 6 मैचों में 297 रन ठोक दिए हैं, लेकिन गुजरात का मिडिल ऑर्डर और गेंदबाजी सपोर्ट इतना कमजोर है कि टीम 7वें स्थान पर संघर्ष कर रही है।
क्या कप्तानी सिर्फ ‘नाम’ के भरोसे है
अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में ‘इंटेंट’ की कमी और कोलकाता का नीचे से नंबर-1 होना यह बताता है कि अनुभव हमेशा जीत की गारंटी नहीं होता। इस सीजन की कड़वी सच्चाई यही है कि अगर कप्तान खुद इम्पैक्ट पैदा नहीं कर पा रहा, तो टीम का कॉम्बिनेशन बिखरना तय है। यह जानकारी (IPL 2026 Captaincy Crisis) साफ करती है कि 2026 का यह सीजन केवल प्रदर्शन करने वालों का है, बड़े नामों का नहीं।


