सीजी भास्कर,29अप्रैल । जमीन विवाद में तीन लोगों की हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी पिता-पुत्र की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए दोषियों की अपील को खारिज कर दिया और कहा कि मामले में प्रस्तुत साक्ष्य पर्याप्त और विश्वसनीय हैं। (Triple murder case in land dispute)
घायल गवाह की गवाही को माना अहम साक्ष्य : Triple murder case in land dispute
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि घायल गवाह की गवाही को केवल रिश्तेदारी के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट के मुताबिक, घटना स्थल पर मौजूद घायल गवाह स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण होता है और उसकी गवाही की विश्वसनीयता का मूल्यांकन तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
जमीन विवाद में परिवार पर हुआ था हमला
मामला एक गांव में जमीन बंटवारे के विवाद से जुड़ा है, जहां आरोपियों ने घर में घुसकर परिवार पर हमला किया था। इस हमले में महिला और दो बच्चों की हत्या कर दी गई, जबकि अन्य परिजनों को गंभीर रूप से घायल किया गया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।
सजा के खिलाफ तर्कों को कोर्ट ने किया खारिज
अपील में आरोपियों ने स्वतंत्र गवाह नहीं होने और गवाहों के रिश्तेदार होने का हवाला दिया था, लेकिन कोर्ट ने इन तर्कों को अस्वीकार कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया और गंभीर अपराध को अंजाम दिया, इसलिए उनकी सजा में कोई राहत नहीं दी जा सकती।


