सीजी भास्कर, 29 अप्रैल : देश का भविष्य जिन नन्हे कदमों से आगे बढ़ता है, वे आज आंगनबाडी केंद्रों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और मुस्कान के साथ संवर रहे हैं। आंगनबाडी केंद्र कभी केवल पोषण और देखभाल तक सीमित माने जाते थे, वे अब प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण रोजगार के समन्वित माडल के रूप में विकसित हो चुके हैं। (Modern Anganwadi Centers in Chhattisgarh)
छत्तीसगढ़ के जशपुर, सूरजपुर, रायगढ़, महासमुंद, धमतरी, मुंगेली और नारायणपुर जैसे जिलों में दिख रहा यह सकारात्मक बदलाव अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणास्रोत बन रहा है।
भवन ही बन गया शिक्षक: ‘बाला’ की अभिनव पहल : Modern Anganwadi Centers in Chhattisgarh
मनरेगा और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से निर्मित आधुनिक आंगनबाडी भवनों ने Building as Learning Aid (BALA) की अवधारणा को साकार रूप दिया है। लगभग 11.69 लाख रुपए की लागत से बने इन भवनों में दीवारों, फर्श, सीढ़ियों और खुले स्थानों को शिक्षण सामग्री के रूप में विकसित किया गया है। रंग-बिरंगी चित्रकारी के माध्यम से बच्चों को हिंदी-अंग्रेजी वर्णमाला, अंक और आकृतियां सहजता से मिल रही हैं। अब हर दीवार बोलती है और हर कोना सिखाता है। इस (Modern Anganwadi Centers in Chhattisgarh) पहल ने आंगनबाडी को एक जीवंत पाठशाला बना दिया है।

धमतरी का ‘बाला माडल’ – सीखने का नया अनुभव
धमतरी जिले में माडल ने प्रारंभिक बाल शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने की दिशा में उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। यहां 81 आंगनबाडी केंद्रों के निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ, जिनमें से 51 पूर्ण हो चुके हैं। ग्राम उडेंना का केंद्र इस बदलाव की जीवंत तस्वीर है, जहां विशेष पिछड़ी जनजाति कमार वर्ग के बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। दीवारों पर स्थानीय संस्कृति और गणितीय अवधारणाएं बच्चों में जिज्ञासा बढ़ा रही हैं।

शिक्षा के साथ रोजगार का मजबूत आधार
मनरेगा के तहत आंगनबाडी भवनों के निर्माण ने दोहरा लाभ दिया है। एक ओर गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना विकसित हुई है, वही दूसरी ओर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार के अवसर मिले हैं। इससे परिवारों की आय में वृद्धि हुई है और ग्रामीणों के पलायन में कमी आई है। इस प्रकार (Modern Anganwadi Centers in Chhattisgarh) केवल बच्चों के विकास का केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का माध्यम भी बन गया है।

पोषण, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता
आंगनबाडी केंद्र अब बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। यहां टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। केंद्रों के माध्यम से महतारी वंदन योजना और नोनी सुरक्षा योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। सुरक्षित खेलघर और नियमित साफ-सफाई ने केंद्रों को बाल-अनुकूल बनाया है। यह आधुनिक स्वरूप (Modern Anganwadi Centers in Chhattisgarh) वास्तव में एक सशक्त और विकसित भारत की नींव रख रहा है, जहां हर बच्चा अपनी पहली पाठशाला तक सुरक्षित पहुंच रहा है।



