सीजी भास्कर, 29 अप्रैल : भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच बलौदाबाजार-भाटापारा जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। पेयजल और दैनिक उपयोग के पानी की किल्लत को दूर करने के लिए ‘महानदी जलाशय परियोजना’ के जरिए ग्रामीण तालाबों को भरने का अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। (Groundwater Recharge Initiatives Chhattisgarh) के तहत अब तक जिले के 450 तालाबों को पानी से लबालब कर दिया गया है।
683 तालाबों को भरने का लक्ष्य
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रशासन ने जिले के 384 गांवों में स्थित कुल 683 तालाबों को भरने का लक्ष्य रखा है। जहां 450 तालाबों का काम पूरा हो चुका है, वही 128 तालाबों में अभी भरने की प्रक्रिया जारी है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा स्वयं इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि नहरों का पानी व्यर्थ न बहे और अंतिम छोर (Tail End) के तालाबों तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज पर जोर
इस पहल का उद्देश्य केवल निस्तारी संकट को दूर करना नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक जल संरक्षण भी है। तालाबों में पानी रुकने से आसपास के क्षेत्रों का भू-जल स्तर (Water Table) सुधरेगा, जिससे हैंडपंप और कुओं में पानी का स्तर बना रहेगा। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि गर्मी के दिनों में तालाब सूखने से मवेशियों के सामने भी पीने के पानी की समस्या खड़ी हो जाती थी, जिसका अब स्थाई समाधान हो रहा है। (Groundwater Recharge Initiatives Chhattisgarh) पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है।
कलेक्टर ने किया नहरों का निरीक्षण
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने पिछले दिनों बलौदाबाजार विकासखंड के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर नहरों और तालाबों का जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी है कि पानी की बर्बादी रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाए। वहां मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन की इस तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि तालाबों के भरने से उन्हें दैनिक कार्यों के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस अभियान को छत्तीसगढ़ में जल प्रबंधन का एक सफल माडल माना जा रहा है।


