सीजी भास्कर, 6 सितंबर। छत्तीसगढ़ के कोरबा पुलिस लाइन(Police Line Drowning Tragedy) में नहाने गए तीन नाबालिग बच्चों की पानी में डूबने से मौत की घटना ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश फैला दिया। यह घटना सिविल लाइन थाना रामपुर पुलिस अंतर्गत रिसदी क्षेत्र में हुई। बालको रोड के लालपुर और रिसदी के बीच तालाब में शाम लगभग 5.30 बजे बच्चों ने नहाना शुरू किया। पुलिस लाइन में रहने वाले राजेश्वर ठाकुर का पुत्र युवराज सिंह ठाकुर (9 वर्ष), जोलसा लकड़ा का पुत्र आकाश लकड़ा (13 वर्ष) और स्व अयोध्या जगत का पुत्र प्रिंस जगत (12 वर्ष) तालाब में डूब गए।
स्थानीय लोगों और आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत पानी में उतरकर बच्चों को बाहर निकाला। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना ने पूरे पुलिस परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश और शोक पैदा किया। यह घटना (Korba Police Line Drowning Tragedy) इलाके में सुरक्षा उपायों की गंभीर कमी को उजागर करती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह तालाब काफी गहरा है और पहले भी कई डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके, सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए गए। बच्चों के माता-पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। प्रिंस जगत के पिता का पहले ही निधन हो चुका है और उनकी माता सीमा जगत आरक्षक हैं। वहीं, आकाश लकड़ा और युवराज सिंह के पिता जोलसा लकड़ा और राजेश्वर ठाकुर भी पुलिस विभाग से जुड़े हैं। यह घटना (Korba Crime) पूरे पुलिस परिवार के लिए चिंताजनक और दुखद बनी।
जानकारी मिली है कि बच्चे तालाब में भगवान गणेश की प्रतिमा विसर्जन के समय वहां उपस्थित थे। नहाने के लिए वे दूसरी तरफ चले गए और गहरे पानी में चले जाने से नियंत्रण खो बैठे। स्थानीय लोग और समिति सदस्य जिन्होंने विसर्जन का कार्यक्रम आयोजित किया था, तुरंत मदद के लिए दौड़े। इसके बावजूद तीनों बच्चों की जान बचाई नहीं जा सकी।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों के परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया और क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को सख्त करने की दिशा में कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि तालाबों और अन्य जलस्रोतों में बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी जरूरी है।
इस त्रासदी ने पूरे इलाके में चेतावनी के रूप में काम किया कि सुरक्षा की लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। ग्रामीणों और पुलिस परिवार ने मिलकर सुरक्षा उपायों को सख्त करने और तालाबों के आसपास निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया।



