सीजी भास्कर 29 अप्रैल I छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मवेशी तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए पुलिस ने ‘ऑपरेशन शंखनाद’ शुरू किया है। इसी अभियान के तहत लैलूंगा क्षेत्र का कुख्यात मवेशी तस्कर पुलिस कार्रवाई के डर से सरेंडर करने को मजबूर हो गया। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। (Cattle smugglers reach Raigarh police station)
ऑपरेशन शंखनाद के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई : Cattle smugglers reach Raigarh police station
पुलिस ने अवैध मवेशी तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान ऑपरेशन शंखनाद की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत लगातार तस्करों पर शिकंजा कसा जा रहा है, जिसके चलते आरोपी ने आत्मसमर्पण किया।
लैलूंगा का कुख्यात तस्कर लंबे समय से सक्रिय
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम करवाजोर निवासी रब्बुल खान (39 वर्ष) लंबे समय से मवेशी तस्करी में शामिल था। उसके खिलाफ वर्ष 2023 और 2026 में गौ तस्करी के मामले दर्ज हैं।
साथी की गिरफ्तारी के बाद हुआ खुलासा
फरवरी में इसी गिरोह के उसके साथी देवानंद यादव को 16 मवेशियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान सामने आया कि मवेशियों को ओडिशा के बूचड़खाने ले जाया जा रहा था और इसी दौरान रब्बुल खान का नाम भी उजागर हुआ। (Cattle smugglers reach Raigarh police station)
फरार चल रहा था आरोपी, पुलिस दबाव में आया सामने
साथी की गिरफ्तारी के बाद से ही रब्बुल खान फरार था। पुलिस की लगातार दबिश और ऑपरेशन शंखनाद के बढ़ते दबाव के कारण उसके सभी छिपने के ठिकाने खत्म हो गए, जिसके बाद वह सरेंडर करने पर मजबूर हो गया।
सरेंडर के बाद गिरफ्तारी, जेल भेजा गया आरोपी
आरोपी ने सरेंडर करने के बाद दोबारा मवेशी तस्करी न करने की बात कही, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
SSP का बयान, कार्रवाई रहेगी जारी
SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत मवेशी तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अपराध छोड़ने वालों को मौका दिया जाएगा, लेकिन तस्करी में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


