सीजी भास्कर, 30 अप्रैल। बिलासपुर, साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने एक रिटायर्ड महिला प्रोफेसर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 7 दिनों तक मानसिक रूप से बंधक बनाकर 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए ठग लिए। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। (Fraud in the name of digital arrest)
जानकारी के मुताबिक, ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए महिला को व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल किया और उन पर प्रतिबंधित संगठन को टेरर फंडिंग करने का आरोप लगाया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट और ईडी के फर्जी नोटिस भेजकर उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाया गया।
ठगों ने महिला को यह भी धमकाया कि यदि उन्होंने किसी को जानकारी दी तो उनके बेटे और पोते को भी जेल भेज दिया जाएगा। इसी डर के चलते महिला सात दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलीं और लगातार उनके निर्देशों का पालन करती रहीं। (Fraud in the name of digital arrest )
इस दौरान ठगों ने अलग-अलग तारीखों में किश्तों में कुल 1.04 करोड़ रुपए चार खातों में ट्रांसफर करा लिए। बाद में आरोपियों ने केस बंद करने के नाम पर 50 लाख रुपए और मांगे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला ने अपने मुंबई में रहने वाले बेटे से पैसों की मांग की। बेटे को शक होने पर पूरी सच्चाई सामने आई, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
फिलहाल रेंज साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और ठगों की तलाश की जा रही है। (Fraud in the name of digital arrest )


