सीजी भास्कर, 03 मई : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सामाजिक सरोकार और सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार अप्रैल 2026 में चलाए गए विशेष अभियान (Operation Talash Raipur) के तहत गुमशुदा बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की तलाश कर उन्हें उनके परिजनों से मिलाया गया। इस एक माह के सघन अभियान के दौरान कुल 426 व्यक्तियों को सुरक्षित दस्तयाब किया गया, जिससे कई परिवारों के उजड़े हुए घर फिर से बस गए हैं।
अभियान का व्यापक स्वरूप और सफलता
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के कुशल निर्देशन में चलाए गए इस (Operation Talash Raipur) का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लापता लोगों को ढूंढना था। पुलिस कमिश्नरेट के तीनों जोन के उपायुक्तों ने थाना स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया था। इन टीमों ने न केवल छत्तीसगढ़ के भीतर, बल्कि देश के पांच से अधिक राज्यों में अपनी पहुंच बनाई। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मानवीय सूचना तंत्र के प्रभावी तालमेल से पुलिस ने महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों के विभिन्न कोनों से गुमशुदा व्यक्तियों को खोज निकाला।
अभियान के आंकड़ों पर डालिए नजर
अभियान के आंकड़ों पर नजर डालें तो दस्तयाब किए गए 426 व्यक्तियों में 7 बालक शामिल हैं। 31 बालिकाओं को सुरक्षित खोजा गया। 272 महिलाओं को उनके परिवार तक पहुंचाया गया। 116 पुरुषों की सकुशल वापसी सुनिश्चित की गई। इस विशेष अभियान (Operation Talash Raipur) के दौरान रायपुर के विभिन्न थानों के बीच गुमशुदा लोगों को खोजने की एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिली।
दस्तयाबी के मामले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप 3 थानों की सूची भी जारी की गई है। इसमें डीडी नगर थाना इस अभियान में प्रथम स्थान पर रहा।, उरला थाना दूसरे स्थान पर अपनी सक्रियता दर्ज कराई और पुरानी बस्ती थाना तृतीय स्थान पर रहते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
48 घंटे में महाराष्ट्र से नाबालिग की बरामदगी
अभियान की संवेदनशीलता और पुलिस की तत्परता का एक बड़ा उदाहरण थाना उरला में देखने को मिला। अप्रैल माह में एक नाबालिग बालिका के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस की विशेष टीम ने बिना समय गवाए (Operation Talash Raipur) के तहत त्वरित कार्रवाई की और महज 48 घंटे के भीतर महाराष्ट्र के सोलापुर पहुंचकर अपहृता को दस्तयाब कर लिया। बालिका को सुरक्षित रायपुर लाकर उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया, जिन्होंने पुलिस की इस कार्यप्रणाली की सराहना की।
सतत जारी रहेगी कार्रवाई
रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भले ही अप्रैल माह का विशेष अभियान समाप्त हो गया हो, लेकिन गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए पुलिस कमिश्नरेट में इस प्रकार के प्रयास सतत रूप से जारी रहेंगे। तकनीक और मानवीय इंटेलिजेंस के बेहतर उपयोग से पुलिस का लक्ष्य हर उस व्यक्ति को उसके घर पहुँचाना है जो किसी कारणवश अपने परिवार से बिछड़ गया है। (Operation Talash Raipur) की सफलता ने रायपुर पुलिस की छवि को जनता के बीच और अधिक विश्वसनीय और मानवीय बनाया है।


