रायपुर के वीआईपी इलाके में इन दिनों अचानक हलचल बढ़ गई है। जहां कुछ दिन पहले तक नाला निर्माण का काम तेजी से चल रहा था, वहीं अब वहां सन्नाटा और चर्चा दोनों साथ नजर आ रहे हैं। आसपास के लोग रुककर काम बंद होने की वजह पूछ रहे हैं और आपस में अलग अलग बातें कर रहे हैं।
मौके पर पहुंचे लोगों के बीच एक ही सवाल घूम रहा है कि आखिर अचानक काम क्यों रोक दिया (Land Encroachment) गया। कुछ लोग जमीन के विवाद की बात कर रहे हैं तो कुछ पूरे मामले को बड़े स्तर का मुद्दा बता रहे हैं। माहौल में अब उत्सुकता के साथ संदेह भी साफ दिखाई दे रहा है।
नाला निर्माण पर लगा ब्रेक Land Encroachment
शहर के इस खास इलाके में चल रहे नाला निर्माण को फिलहाल रोक दिया गया है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने काम को आगे बढ़ाने पर रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा था, वहां सीमांकन के बाद शासकीय भूमि से जुड़े सवाल सामने आए हैं।
अतिक्रमण के आरोप सामने आए
आरोप लगाया गया है कि नाले के नाम पर जिस क्षेत्र में काम शुरू किया गया, वहां कुछ संस्थानों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। इसमें होटल बेबीलॉन और क्वींस क्लब जैसे नाम भी सामने आए हैं। इस पूरे मामले को शहर की सार्वजनिक संपत्ति और करदाताओं के पैसे से जुड़ा मुद्दा बताया जा रहा है।
सीमांकन में क्या आया सामने
जानकारी के अनुसार, पहले बिना सीमांकन काम शुरू होने पर आपत्ति जताई (Land Encroachment) गई थी। इसके बाद नगर निगम के निर्देश पर सीमांकन कराया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कुछ हिस्सों में शासकीय भूमि पर कब्जे की स्थिति सामने आई है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
प्रक्रिया पर उठे सवाल
जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि सीमांकन बिना उनकी मौजूदगी के किया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही आसपास चल रहे अन्य निर्माण कार्यों की जमीन को लेकर भी संदेह जताया गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
नेता प्रतिपक्ष और पार्षदों ने मांग की है कि दोबारा स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से सीमांकन (Land Encroachment) किया जाए। जब तक पूरी जांच न हो, तब तक नाला निर्माण शुरू न करने की बात कही गई है। अब सभी की नजर नगर निगम प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है कि वह इन आरोपों पर क्या निर्णय लेता है।


