सीजी भास्कर, 4 मई : सुशासन तिहार (Sushasan Tihar Kabirdham) के दौरान आज कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का एक बेहद आत्मीय और संवेदनशील रूप देखने को मिला। निर्माणाधीन पंचायत भवन के औचक निरीक्षण पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने न केवल श्रमिकों के साथ बैठकर जमीन पर भोजन किया, बल्कि उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान भी किया।
श्रमिकों के स्नेहपूर्ण आग्रह पर जमीन पर बैठे मुख्यमंत्री
निरीक्षण के दौरान वहां कार्यरत महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया और श्रमिकों के साथ जमीन पर बैठकर उनके टिफिन से पारंपरिक भोजन ग्रहण किया। उन्होंने बड़े चाव से छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़े बोरे बासी, पान पुरवा रोटी, चना भाजी, चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आमा (आम) की चटनी का स्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह भोजन उनकी अपनी जीवनशैली और मिट्टी से जुड़ा हुआ है।
भोजन के साथ योजनाओं का फीडबैक
मुख्यमंत्री (Sushasan Tihar Kabirdham) ने भोजन के साथ-साथ श्रमिक महिलाओं से बातचीत कर शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तार से चर्चा की। महिलाओं ने भी खुलकर अपने अनुभव साझा किए, जिससे मुख्यमंत्री को योजनाओं के क्रियान्वयन का सीधा फीडबैक मिला।
पेयजल समस्या पर तत्काल निर्णय
जब मुख्यमंत्री ने गांव की समस्याओं के बारे में पूछा, तो महिलाओं ने पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पेयजल की भारी दिक्कत के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि बोरवेल और हैंडपंप गर्मी के दिनों में जवाब दे जाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही कलेक्टर से जानकारी मांगी।
कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र के 26 गांवों के लिए एक विशेष पेयजल पाइपलाइन योजना तैयार है। मुख्यमंत्री ने तुरंत निर्देश दिए कि इस प्रोजेक्ट को तत्काल स्वीकृति प्रदान कर धरातल पर काम शुरू किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुशासन का असली अर्थ यही है कि जनता की समस्याओं का समाधान समय पर और प्रभावी ढंग से हो।


