सीजी भास्कर, 05 मई : राजनांदगांव जिले के छुरिया क्षेत्र में मंगलवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच (Wild Animal Attack Rajnandgaon) गई, जब तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गए ग्रामीणों का सामना एक आदमखोर जंगली सूअर से हो गया। हालेकोसा गांव के पास हुए इस अचानक हमले ने ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। इस खौफनाक वन्यजीव हमला में कुल आठ ग्रामीण बुरी तरह जख्मी हुए हैं, जिनमें से एक महिला जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग जंगल की ओर जाने से कतरा रहे हैं।
तेंदूपत्ता तोड़ते वक्त मौत से हुआ सामना
हालेकोसा गांव के ग्रामीण रोज की तरह सुबह-सुबह तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जंगल के भीतर घुसे थे। झाड़ियों में छिपे जंगली सूअर ने अचानक ग्रामीणों के झुंड पर हमला कर दिया। सूअर इतना आक्रामक था कि उसने एक के बाद एक आठ लोगों को अपने नुकीले दांतों से लहूलुहान कर दिया। इस वन्यजीव हमला (Wild Animal Attack Rajnandgaon) के बाद घायलों को आनन-फानन में छुरिया और पाथरी के स्वास्थ्य केंद्रों में ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल खेदू, अंजनी, फूलबाई, माधुरी और उर्मिला को बेहतर इलाज के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
अस्पताल पहुंचे वन अधिकारी, जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन मंडलाधिकारी (DFO) आयुष जैन तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे और घायलों के परिजनों से मुलाकात की। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि घायलों को सरकारी नियमों के तहत उचित मुआवजा और इलाज की सुविधा दी जाएगी। हालांकि, इस भीषण वन्यजीव हमला (Wild Animal Attack Rajnandgaon) ने वन विभाग की गश्त और सुरक्षा दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। विभाग ने अब क्षेत्र में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है, ताकि दोबारा ऐसी कोई अनहोनी न हो।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, वन विभाग ने बढ़ाई गश्त
छुरिया क्षेत्र के ग्रामीण इस घटना से बेहद डरे हुए हैं। उनका कहना है कि तेंदूपत्ता सीजन के दौरान जंगल जाना उनकी मजबूरी है, लेकिन जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों ने उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर दिया है। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रभावित क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। फिलहाल, अस्पताल में भर्ती घायलों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है और चिकित्सकों की टीम उन्हें खतरे से बाहर निकालने की कोशिश में जुटी है।


