सीजी भास्कर, 09 मई। देशभर में कामकाजी लोगों के बीच नए श्रम नियमों को लेकर चर्चा तेज (New Labour Code) हो गई है। लंबे समय से जिन बदलावों का इंतजार किया जा रहा था, अब वे पूरी तरह लागू हो चुके हैं। कर्मचारियों से लेकर निजी कंपनियों तक हर जगह नए नियमों को लेकर हलचल दिखाई दे रही है।
सरकार का दावा है कि इन बदलावों के बाद कर्मचारियों को पहले से ज्यादा सुरक्षा, पारदर्शिता और सुविधाएं मिलेंगी। खास बात यह है कि अब काम के घंटे, ओवरटाइम, वेतन और नौकरी से जुड़े कई नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
पुराने 29 श्रम कानूनों की जगह आए नए नियम
सरकार ने श्रम व्यवस्था को आसान बनाने के लिए पुराने 29 कानूनों को मिलाकर नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत चार नए श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। इनका उद्देश्य कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के लिए नियमों को सरल बनाना बताया जा रहा है ताकि कामकाज की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी हो सके।
सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं : New Labour Code
नए नियमों के अनुसार अब किसी भी कर्मचारी से सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे तक ही काम लिया जा सकेगा। अगर कोई कर्मचारी तय समय से ज्यादा काम करता है तो उसे अतिरिक्त भुगतान देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सप्ताह में कम से कम एक दिन की छुट्टी देना भी जरूरी कर दिया गया है।
हर कर्मचारी को मिलेगा नियुक्ति पत्र
अब नौकरी शुरू करते समय कर्मचारियों को लिखित नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। इससे कर्मचारियों के अधिकार मजबूत होंगे और नौकरी से जुड़ी शर्तें स्पष्ट रहेंगी। इस बदलाव को नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है क्योंकि कई जगह अब तक बिना लिखित दस्तावेज के काम कराया जाता था।
40 साल से ऊपर वालों को स्वास्थ्य जांच सुविधा
नए नियमों में 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी जोड़ी गई है। सरकार का कहना है कि इससे कर्मचारियों की सेहत पर ध्यान दिया जा सकेगा और कार्यस्थल पर बेहतर माहौल बनेगा।
महिलाओं को समान वेतन और बराबरी का अधिकार
नई व्यवस्था में महिलाओं के लिए भी कई अहम प्रावधान किए गए हैं। समान काम के लिए समान वेतन देने की बात स्पष्ट की गई है। इसके अलावा अलग अलग शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को भी बराबरी के अवसर और अधिकार देने का प्रावधान रखा गया है।
नौकरी जाने पर मिलेगी नई ट्रेनिंग (New Labour Code)
सरकार ने रीस्किलिंग फंड बनाने का भी प्रावधान किया है। इसका उपयोग उन कर्मचारियों के लिए किया जाएगा जिनकी नौकरी किसी वजह से चली जाती है। इस फंड के जरिए कर्मचारियों को नई ट्रेनिंग देकर दोबारा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
कंपनियों और कर्मचारियों दोनों को होगा फायदा
सरकार का दावा है कि नए नियमों से कर्मचारियों को ज्यादा सुरक्षा और सुविधाएं मिलेंगी, जबकि कंपनियों के लिए भी प्रक्रिया आसान होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ सकती है और कामकाजी माहौल बेहतर बनने की संभावना है।


