सीजी भास्कर, 09 मई : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले (Headmaster Suspended) से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। बलौदा स्थित पीएमश्री शासकीय कन्या प्राथमिक शाला की प्रधान पाठक (हेडमास्टर) लक्ष्मी देवी भारद्वाज को बच्चों को हिंदू संस्कृति के खिलाफ भड़काने, मतांतरण के प्रयास और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। महीनों से दबी यह शिकायत जब ‘जनसमस्या निवारण शिविर’ के खुले मंच पर गूंजी, तब जाकर शिक्षा विभाग ने यह सख्त कदम उठाया।
हिंदू संस्कृति के खिलाफ भड़काने का आरोप
प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज (Headmaster Suspended) पर आरोप है कि वे स्कूल की छोटी बच्चियों को हिंदू देवी-देवताओं और संस्कृति के विरुद्ध शिक्षा दे रही थीं। ग्रामीणों और अभिभावकों का दावा है कि स्कूल की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान के स्थान पर “गॉड इज ग्रेट” जैसे धार्मिक वाक्य सिखाए जा रहे थे। जब यह बात बच्चों के माध्यम से घर-घर पहुंची, तो ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।
जनसमस्या निवारण शिविर में फूटा गुस्सा
ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले की शिकायत वे लंबे समय से विभाग से कर रहे थे, लेकिन अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। मामला तब गरमाया जब 7 मई को ग्राम भिलाई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में हिंदू संगठनों और ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। मंच से शिकायतों की गूंज सुनते ही विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में कार्रवाई की गई।
सिर्फ मतांतरण नहीं, वित्तीय गबन के भी आरोप
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रधान पाठक (Headmaster Suspended) केवल धार्मिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं थीं, बल्कि स्कूल के फंड में भी भारी हेरफेर की गई थी। उन पर आरोप है कि वर्ष 2021-22 से 2023-24 के बीच मिली अनुदान राशि में फर्जी बिल-वाउचर लगाए गए। अपने रिश्तेदारों के नाम पर राशि आहरित की गई। स्कूल प्रबंधन समिति के अनुमोदन के बिना ही राशि खर्च कर दी गई। विभागीय नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन वित्तीय गड़बड़ियों को भी निलंबन का आधार बनाया गया है।
पुलिस केस और विभागीय कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता और लोक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए बलौदा थाने में भी अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रकरण कायम किया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रधान पाठक का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन और गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बलौदा तय किया गया है।


