सीजी भास्कर, 09 मई। तमिलनाडु की सियासत में कई दिनों से चल रही हलचल आखिरकार नए मोड़ पर पहुंच (Tamil Nadu Politics) गई है। सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच अब तस्वीर लगभग साफ होती दिखाई दे रही है। राजनीतिक गलियारों में लगातार बैठकों और समर्थन जुटाने की कवायद के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया है।
राजधानी से लेकर जिलों तक कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। समर्थन मिलने की खबर सामने आते ही कई जगह जश्न शुरू हो गया। राजनीतिक विश्लेषक भी इसे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव मान रहे हैं।
120 विधायकों का मिला समर्थन : Tamil Nadu Politics
सरकार बनाने की कोशिश में जुटे विजय को अब 120 विधायकों का समर्थन मिल गया है। सहयोगी दलों के समर्थन के बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि अब वह जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। समर्थन मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और एक दूसरे को मिठाई खिलाई।
इन दलों ने दिया साथ
सरकार गठन के लिए कई दलों ने समर्थन दिया है। इनमें कांग्रेस, वाम दल, मुस्लिम लीग और अन्य सहयोगी (Tamil Nadu Politics) दल शामिल हैं। सबसे ज्यादा सीटें विजय की पार्टी के पास हैं। हालांकि दो सीटों से जीत दर्ज करने के कारण एक सीट छोड़ने की स्थिति बनी, जिसके चलते कुल संख्या में बदलाव हुआ।
शुरुआत में फंस गया था मामला
चुनाव परिणाम आने के बाद सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार गठन की प्रक्रिया आसान नहीं रही। शुरुआत में सहयोगी दलों के पूरे समर्थन पत्र नहीं मिलने के कारण मामला अटक गया था। राज्यपाल की ओर से सभी सहयोगी दलों के समर्थन दस्तावेज मांगे गए थे। इसके बाद लगातार बैठकों और बातचीत का दौर चला। आखिरकार सभी जरूरी समर्थन मिलने के बाद स्थिति साफ हो गई।
नई सरकार को मिली शुभकामनाएं
पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी नई सरकार को शुभकामनाएं (Tamil Nadu Politics) दी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में स्थिर सरकार बनना जरूरी है और जनता के हितों से जुड़ी योजनाएं आगे भी जारी रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष रचनात्मक भूमिका निभाएगा और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाता रहेगा।
कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल
समर्थन मिलने के बाद कई जगह कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। पार्टी दफ्तरों के बाहर नारेबाजी और जश्न का माहौल देखने को मिला। अब सभी की नजरें शपथ ग्रहण और नई सरकार के अगले कदमों पर टिकी हुई हैं।


