सीजी भास्कर, 14 मई। जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र अंतर्गत भवंतरा गांव में गुरुवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक निर्माणाधीन मकान के भीतर एक ही परिवार के चार लोगों के शव खाट पर पड़े मिले। मृतकों में पति-पत्नी और उनके नाती-नातिन शामिल हैं। सूचना मिलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। (Blood-red legacy)
मिस्त्री ने देखा खौफनाक मंजर : Blood-red legacy
पुलिस के मुताबिक, सुबह काम पर पहुंचे एक मिस्त्री ने मकान के भीतर खून से लथपथ शव देखे और तुरंत इसकी सूचना ग्रामीणों तथा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
संपत्ति विवाद ने ले ली चार जिंदगियां
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतकों की पहचान मेदनी प्रसाद कश्यप, पीताम्बर कश्यप, शांति बाई और कुमारी मोगरा के रूप में हुई है। जांच के दौरान पुलिस को पारिवारिक संपत्ति विवाद का एंगल मिला, जिसके बाद शक की सुई परिवार के ही सदस्य सोना साय कश्यप पर जा टिकी।
पिता-पुत्र ने कबूला जुर्म
पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी सोना साय कश्यप ने अपने बेटे गोलू के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सोना साय कश्यप का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। बताया जा रहा है कि वह अपने बड़े भाई की हत्या के मामले में करीब 15 साल तक जेल में सजा काट चुका है और हाल ही में रिहा होकर गांव लौटा था।
गांव में दहशत, पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी
घटना (Blood-red legacy) के बाद पूरे भवंतरा गांव में तनाव और भय का माहौल है। पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका और वारदात के पीछे की पूरी साजिश की गहराई से जांच कर रही है।



