सीजी भास्कर, 05 मई। गौरेला वन क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से अलग ही हलचल महसूस की जा रही है। जहां पहले जंगल के अंदर होने वाली गतिविधियों को लेकर चिंता बनी रहती थी, वहीं अब लोगों के बीच राहत की चर्चा सुनाई दे रही है। आसपास के गांवों में भी इस कार्रवाई को लेकर बात हो रही है और लोग इसे जरूरी कदम मान रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर भी निगरानी बढ़ने का असर साफ नजर (Forest Action) आ रहा है। जंगल के किनारे रहने वाले लोग अब पहले से ज्यादा सतर्क दिख रहे हैं। वन विभाग की टीमों की लगातार मौजूदगी से माहौल में एक तरह की सख्ती और भरोसा दोनों देखने को मिल रहा है।
सागौन की अवैध कटाई पर कड़ी कार्रवाई Forest Action
गौरेला वन परिक्षेत्र में सागौन की अवैध कटाई को रोकने के लिए वन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। संयुक्त दल की लगातार निगरानी के चलते हाल ही में अवैध रूप से काटी गई करीब 500 बल्लियां बरामद की गई हैं, जो पांच घन मीटर से अधिक बताई जा रही हैं।
जब्त लकड़ी को किया सुरक्षित स्थानांतरित (Forest Action)
बरामद की गई सागौन की लकड़ियों को सुरक्षित तरीके से मड़ना स्थित सरकारी काष्ठागार में रखवाया गया है। इससे आगे की प्रक्रिया के लिए इन्हें सुरक्षित किया गया है।
संवेदनशील क्षेत्र में बढ़ी निगरानी
पण्डरीपानी परिसर, जो करीब 103 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और चार ग्राम पंचायतों से घिरा हुआ है, वहां जैविक दबाव अधिक होने के कारण विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कुछ स्थानीय लोगों द्वारा निजी उपयोग के लिए कटाई की जा रही थी।
लगातार चल रहा सर्वे और जांच
वनमंडल स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में उड़नदस्ता दल और कर्मचारी क्षेत्र का लगातार सर्वे (Forest Action) कर रहे हैं। हर संभावित स्थान पर जांच की जा रही है ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
आगे होगी सख्त कार्रवाई
विभाग ने साफ किया है कि सर्वे पूरा होते ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुराने अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है, जिससे वन क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।


