सीजी भास्कर, 05 मई। रायपुर में मंगलवार को पुलिस मुख्यालय के आसपास एक अलग ही माहौल देखने को मिला। कई लोग अपने परिजनों के साथ वहां पहुंचे थे और चेहरों पर राहत साफ झलक रही थी। कोई गले लगकर रो रहा था तो कोई लंबे समय बाद अपने करीबियों को देखकर भावुक नजर आया। माहौल में खुशी और सुकून दोनों महसूस हो रहे थे।
राज्य के अलग-अलग जिलों से भी इसी तरह की खबरें सामने आईं। जिन परिवारों ने महीनों से अपने लोगों की तलाश नहीं छोड़ी थी, उन्हें अब बड़ी राहत मिली है। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर लोगों के बीच चर्चा भी तेज हो गई है और भरोसा बढ़ता नजर आ रहा है।
एक महीने चला विशेष अभियान Operation Talaash
पुलिस महानिदेशक Arun Dev Gautam के निर्देशन में गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए ऑपरेशन तलाश अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलाया गया। इस दौरान पूरे राज्य में विशेष टीमें बनाकर लगातार खोजबीन की गई।
4056 गुमशुदा लोगों का पता चला
इस अभियान के जरिए कुल 4056 गुमशुदा व्यक्तियों को खोज निकाला गया। इनमें 545 बच्चे शामिल हैं, जबकि 3511 महिला और पुरुष भी शामिल हैं। अलग-अलग जिलों में पुलिस टीमों ने लगातार अभियान चलाकर यह सफलता हासिल की।
बच्चों और महिलाओं की बड़ी संख्या (Operation Talaash)
अभियान के दौरान 75 बालक, 470 बालिका, 972 पुरुष और 2539 महिलाओं को खोजा (Operation Talaash) गया। हर संभावित स्थान पर टीमों ने सघन तलाश की, जिससे कम समय में बड़ी संख्या में लोगों का पता लगाया जा सका।
दूसरे राज्यों से भी लाए गए लोग
इस अभियान की खास बात यह रही कि 182 लोगों को अन्य राज्यों से खोजकर वापस लाया गया। इनमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया।
कई जिलों का बड़ा योगदान
अभियान में दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर जिलों का योगदान (Operation Talaash) खास रहा। इन जिलों से सबसे ज्यादा गुमशुदा लोगों को खोजा गया, जिससे पूरी कार्रवाई को गति मिली।
परिवारों से कराया गया मिलन
पुलिस ने सभी बरामद लोगों को उनके परिजनों से मिलाया। इससे न केवल परिवारों को राहत मिली, बल्कि लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास भी और मजबूत हुआ। यह सफलता पुलिस की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दिखाती है।


