सीजी भास्कर, 05 मई : सरकारी काम में बाधा डालने और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ अब प्रशासन ने सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी कर ली है। जनगणना कार्य निदेशालय ने एक महत्वपूर्ण परिपत्र जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि फील्ड पर तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार करने वालों पर अब बिना किसी देरी के सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। इस कर्मचारी सुरक्षा समाचार (Government Employee Safety News) के आने के बाद अब उन लोगों पर शिकंजा कसेगा जो सरकारी ड्यूटी में लगे लोक सेवकों को अपना निशाना बनाते हैं।
सभी जनगणना कर्मी अब ‘लोक सेवक’ के दायरे में
परिपत्र में कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए बताया गया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 5 के तहत इस कार्य में लगे हर छोटे-बड़े अधिकारी और कर्मचारी को ‘लोक सेवक’ माना गया है। इसका मतलब है कि उनके खिलाफ किया गया कोई भी अपराध सीधे तौर पर शासन के विरुद्ध अपराध माना जाएगा। प्रशासन ने इस कर्मचारी सुरक्षा समाचार (Government Employee Safety News) के माध्यम से संदेश दिया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लगे कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार न केवल निंदनीय है, बल्कि यह कानूनन जुर्म भी है।
शासकीय कार्य में बाधा पड़ने पर होगी जेल
जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जनगणना कर्मियों को उनके कर्तव्य पालन से रोकता है या किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न करता है, तो वह कठोर दंड का पात्र होगा। जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसी किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस कार्रवाई की जाए। इस कर्मचारी सुरक्षा समाचार (Government Employee Safety News) का मुख्य उद्देश्य मैदानी अमले का मनोबल बढ़ाना और उन्हें निर्भीक होकर काम करने का सुरक्षित माहौल प्रदान करना है।


