सीजी भास्कर, 18 मई। रायपुर के पचपेड़ी नाका और भाठागांव इलाके में सोमवार को माहौल काफी गरम (Canal Road) नजर आया। बड़ी संख्या में लोग नगर निगम कार्यालय पहुंच गए और सड़क परियोजना को लेकर नाराजगी जताने लगे। कई परिवारों का कहना है कि अचानक चल रहे सर्वे और माप जोख के बाद अब उन्हें अपने घर टूटने का डर सताने लगा है।
इलाके में रहने वाले लोग लगातार एक दूसरे से चर्चा करते दिखाई दिए। लोगों का कहना है कि वर्षों से बसे परिवारों के सामने अब विस्थापन का संकट खड़ा हो गया है। इसी चिंता को लेकर महिलाएं, बुजुर्ग और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में निगम कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
निगम कार्यालय पहुंचकर किया प्रदर्शन : Canal Road
कैनाल रोड 2 परियोजना के विरोध में सैकड़ों प्रभावित परिवार नगर निगम पहुंचे और घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि परियोजना के लिए करीब 1300 मकानों को हटाने की तैयारी की जा रही है, जिससे हजारों लोग प्रभावित होंगे।
बिना नोटिस सर्वे करने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में बिना किसी पूर्व सूचना के सर्वे कराया जा रहा है। स्थानीय परिवारों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से अब तक उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी या आधिकारिक नोटिस नहीं दिया गया है।
सड़क चौड़ीकरण पर उठाए सवाल
लोगों ने कहा कि जहां पहले से करीब 30 फीट जगह मौजूद है, वहां 80 फीट चौड़ी सड़क बनाने की जरूरत समझ नहीं आ रही। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सड़क विस्तार के नाम पर बड़ी संख्या में परिवारों को हटाने की तैयारी की जा रही है।
विस्थापन नियमों की अनदेखी का आरोप
स्थानीय लोगों ने निगम प्रशासन पर विस्थापन नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि करीब 40 साल से यहां रहने वाले परिवारों के पुनर्वास को लेकर अब तक कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है।



